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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशरीवा में जनपद CEO पर जानलेवा हमला, कोर्ट ने बीजेपी MLA बताया दोषी; जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार

रीवा में जनपद CEO पर जानलेवा हमला, कोर्ट ने बीजेपी MLA बताया दोषी; जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार

16 अगस्त को सिरमौर जनपद पंचायत के सीईओ एसके मिश्र पर सेमरिया के पूर्वा के समीप जानलेवा हमला किया गया था। बीजेपी विधायक के पी त्रिपाठी और सिरमौर जनपद पंचायत सीईओ एसपी मिश्रा के बीच फोन पर हुई तू तू मैं

रीवा में जनपद CEO पर जानलेवा हमला, कोर्ट ने बीजेपी MLA बताया दोषी; जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,रीवाSat, 26 Nov 2022 02:19 PM

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मध्य प्रदेश के रीवा जनपद सीईओ पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने भाजपा विधायक केपी त्रिपाठी को आपराधिक धाराओं के तहत नामजद किया है। 8 दिसम्बर को अगली पेशी पर हाजिर होने के लिए उन्हे समन जारी किया गया है। न्यायालय में दायर परिवाद की सुनवाई में पेश साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने विधायक सहित अन्य को आरोपी बनाया है। जिसके बाद विधायक त्रिपाठी के ऊपर 341, 342, 353, 332,333 सहित अन्य कई धाराओं पर न्यायालय के द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने का नोटिस भेजा गया है।

16 अगस्त को सिरमौर जनपद पंचायत के सीईओ एसके मिश्र पर सेमरिया के पूर्वा के समीप जानलेवा हमला किया गया था। बीजेपी विधायक के पी त्रिपाठी और सिरमौर जनपद पंचायत सीईओ एसपी मिश्रा के बीच फोन पर हुई तू तू मैं मैं का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद ऑडियो वायरल होने के चंद घंटों के भीतर जनपद पंचायत के सीईओ एसपी मिश्रा के ऊपर प्राणघातक हमला हो गया था। जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और कई दिनों तक वह अस्पताल में भर्ती रहे।

इस बीच उनके साथ मारपीट करने वाले 3 आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था वहीं मारपीट मे शामिल अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। जिसके बाद सीईओ के पक्ष से न्यायालय में जिरह करने वाले अधिवक्ता राजेश सिंह ने ऑडियो वायरल होने के कारण बीजेपी विधायक को दोषी बनाए जाने की मांग करते हुए न्यायालय के समक्ष परिवाद दायर किया। जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने विधायक को दोषी माना है तथा न्यायालय के द्वारा विधायक के खिलाफ 341, 342, 353, 332,333 सहित अन्य कई धाराओं पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। 

जनपद सीईओ के साथ हुई मारपीट के बाद गंभीर अवस्था में रहते हुए सीईओ ने बीजेपी विधायक के पी त्रिपाठी के साथ उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस को बयान दिया था। जिस पर पुलिस के द्वारा भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष सहित 2 अन्य विधायक के करीबियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं सीईओ के अधिवक्ता ने विधायक को दोषी करार दिए जाने की मांग को लेकर न्यायालय में परिवाद दायर किया था और अब न्यायालय के द्वारा बीजेपी विधायक को दोषी ठहराया गया है। आपको बता दें सीईओ के साथ बीजेपी विधायक की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद विधायक को भोपाल तलब किया गया था जहां पर पार्टी प्रमुखों ने उन्हें फटकार भी लगाई थी।