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Hindi News मध्य प्रदेशशवों को मिट्टी में मिला रहे, 100 से अधिक लोग अब भी दबे'; आरोप लगा कांग्रेस ने की यह मांग

शवों को मिट्टी में मिला रहे, 100 से अधिक लोग अब भी दबे'; आरोप लगा कांग्रेस ने की यह मांग

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मांग की है कि लापता लोगों की संख्या बताए और यह भी बताए कि उनको किस कैटेगरी में डालेंगे? उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएं

शवों को मिट्टी में मिला रहे, 100 से अधिक लोग अब भी दबे'; आरोप लगा कांग्रेस ने की यह मांग
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,हरदाWed, 07 Feb 2024 02:05 PM
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मध्य प्रदेश के हरदा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मानपुरा जाकर मृतकों के परिवार वालों से मिले। इस दौरान उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा की ढाई एकड़ में बने दो मंजिला इमारत में विस्फोट हुआ तो इमारत को दबा दिया गया। लोहा तक पिघल गया तो इंसान क्या है। ऐसे में जो रेस्क्यू चल रहा है इसमें शवों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने घायलों और परिजनों से बात कि है उनके हिसाब से 100 से अधिक लोग अभी भी दबे हुए हैं। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन की लापरवाही बताई है। उन्होंने मलबे में सैकड़ों मजदूरों के दबे होने का दावा किया है।

पीसीसी चीफ ने कहा, 'जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा और कलेक्टर से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने मुझे पहले फैक्ट्री के भीतर भिजवाया, जब मैं बाहर निकला तो कलेक्टर और एसपी वहां से गायब हो गए। इतना बड़ा हादसा हुआ और रेस्क्यू ऑपरेशन से कलेक्टर, एसपी का गायब हो जाना अपने आप में सरकार की उदासीनता को जगजाहिर करता है।' 

हरदा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार हादसे की जांच के लिए एसआईटी गठित करे। लापता लोगों की संख्या बताए और यह भी बताए कि उनको किस कैटेगरी में डालेंगे? उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएं और परिवार में एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।

इसके अलावा उन्होंने घायलों को 10-10 लाख रुपये दिए जाने की मांग भी की है। जीतू पटवारी ने कहा कि संबंधित कर्मचारियों पर 302 के तहत मुकदमा चलाया जाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ अधिकारियों पर ही नहीं बल्कि जिम्मेदार मंत्री भी इस्तीफा दें तथा सीएम खुद प्रदेश की जनता से माफी मांगें। 

बता दें कि हरदा में हुए पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद हेल्प डेस्क बनाई गई है। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 217 लोग घायल हुए हैं। जिस बेसमेंट में बारूद रखा गया था और जहां मजदूर काम कर रहे थे, उसका मलबा हटाया जा रहा है। इसके लिए हेडक्वार्टर वाराणसी से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 35 सदस्यों की टीम आई है। 

51 गंभीर घायलों को भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम रेफर किया गया। कई अब भी लापता हैं। NDRF मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी है। मिली जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में काम करने वाले मज़दूरों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक के मज़दूर काम करते थे। इन्हें 200 रुपये मज़दूरी मिलती थी। 11 जिलों से 150 से अधिक एंबुलेंस मौके पर भेजी गई है। आधा दर्जन पोकलेन मशीन रातभर से मलबा हटा रही है।

रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव

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