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Hindi News मध्य प्रदेश'अयोध्या पहुंचाओ नहीं तो प्राण त्याग दूंगा', 44 साल से मौन व्रत पर बैठे साधु का हठ

'अयोध्या पहुंचाओ नहीं तो प्राण त्याग दूंगा', 44 साल से मौन व्रत पर बैठे साधु का हठ

दरअसल दतिया के मौनी बाबा ने ऐलान कर दिया है कि अगर 22 जनवरी को उन्हें अयोध्या नहीं पहुंचाया तो वह अपने प्राण त्याग देंगे।  ये ऐलान उन्होंने कलेक्टर और एसपी के सामने किया है।

'अयोध्या पहुंचाओ नहीं तो प्राण त्याग दूंगा', 44 साल से मौन व्रत पर बैठे साधु का हठ
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,दतियाFri, 12 Jan 2024 09:39 PM
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500 सालों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चले संघर्ष  के दौरान कई साधु संत, राम भक्तों और कारसेवकों ने रामलला मंदिर के निर्माण के लिए अपनी कुर्बानी दी। वहीं कई साधु संत ऐसे भी रहे जिन्होंने मंदिर का निर्माण नहीं होने तक कई चीजों का परित्याग किया। इनमें दतिया के एक मौनी बाबा भी शामिल हैं जो 44 सालों से राम मंदिर निर्माण के लिए मौन व्रत पर हैं। लेकिन इस बार उनकी चर्चा उनके एक अलग हठ की वजह से हो रही है। 

दरअसल दतिया के मौनी बाबा ने ऐलान कर दिया है कि अगर 22 जनवरी को उन्हें अयोध्या नहीं पहुंचाया तो वह अपने प्राण त्याग देंगे।  ये ऐलान उन्होंने कलेक्टर और एसपी के सामने किया है। उन्होंने को साफ कह दिया है कि उन्हें 22 को अयोध्या नहीं पहुंचाया तो वे प्राण त्याग देंगे। दरअसल मौनी बाबा ने यह प्रण अपने गुरु पूज्य संत दामोदरदास मोनी बाबा से लिया था. लगभग 100 वर्ष पहले उनाव बालाजी पर रहने वाले संत दामोदरदास उर्फ मौनी बाबा ने प्रण लिया था कि जबतक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक के लिए अन्य अन्न का परित्याग कर फलाहारी रहेंगे। पादुका त्याग करते हुए उन्होंने मौन व्रत धारण किया था। समय की गति के चलते दामोदर दास महाराज ने अपना शरीर त्याग दिया और गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए उनके शिष्य मोहन गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा ने इस संकल्प को आगे बढ़ाया।

अयोध्या से नहीं मिला आमंत्रण तो धरने पर बैठे

इन दिनों गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा दतिया के प्रसिद्ध अनामय आश्रम पर निवास करते हैं। वे 1980 से मौन व्रत की साधना कर रहे हैं। लगभग 4 दशक से अधिक समय गुजर जाने के बाद वह शुभ अवसर भी आ गया जिसके लिए मौनी बाबा तपस्या कर रहे थे। 22 जनवरी को उनके आराध्य प्रभु श्री राम लला को पुनः अयोध्या के नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किया जा रहा है लेकिन मौनी बाबा के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है क्योंकि उन्हें अयोध्या से किसी प्रकार का कोई आमंत्रण नहीं दिया गया। इसी के बाद से मौनी बाबा धरने पर बैठ गए हैं।

मौनी बाबा के धरने पर बैठेने के बाद दतिया कलेक्टर संदीप माकिन ने अपने कर्मचारियों को बाबा को मनाने पहुंचाया, लेकिन मोनी बाबा अपने हठ पर अडिग रहे।उन्होंने लिखकर बताया कि या तो अयोध्या जाएंगे अन्यथा प्राणों को त्याग देंगे।शाम ढलने के बाद पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बाबा को मनाने का प्रयास किया। फिलहाल बाबा एसपी के आश्वासन पर धरने से उठ गए हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उन्हें अयोध्या पहुंचाया जाएगा। अब देखना ये होगा कि क्या मोहन गोपाल दास उर्फ मौनी बाबा 22 जनवरी को अपना व्रत खोल पाएंगे? दतिया पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने इस मामले पर कहा हम कलेक्टर साहब से बात करके अयोध्या प्रशासन तक मौनी बाबा की बात पहुंचाएंगे और बाबा को अयोध्या पहुंचाने का प्रबंध करेंगे जिससे उनकी वर्षों की तपस्या पूरी हो सके।

रिपोर्ट- अमित गौर

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