फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशशोक में संबल देने सिंधिया के पास पहुंचे दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार गए महल

शोक में संबल देने सिंधिया के पास पहुंचे दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार गए महल

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने जयविलास पैलेस में माधवी राजे को श्रद्धांजलि अर्पित की और ज्योतिरादित्य सिंधिया को सांत्वना दी।

शोक में संबल देने सिंधिया के पास पहुंचे दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार गए महल
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,ग्वालियरFri, 24 May 2024 09:18 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने जयविलास पैलेस में माधवी राजे को श्रद्धांजलि अर्पित की और ज्योतिरादित्य सिंधिया और महाआर्यमन सिंधिया को सांत्वना दी। दिग्विजय सिंह मीडिया से तो मिले, लेकिन राजनीतिक सवालों पर चुप्पी साधे रखी। 

ग्वालियर पहुंचने के बाद सबसे पहले दिग्विजय सिंह पूर्व विधायक और वरिष्ठ समाजवादी नेता वृजेन्द्र तोमर के निवास पर पहुंचे और उनका हालचाल जाना। तिवारी कुछ समय से अस्वस्थ्य चल रहे हैं। यहां से वह मध्यभारत खादी ग्रामोद्योग दफ्तर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने वहां चल रहे कार्यकलापों का अवलोकन किया और उनके काम  की सराहना की। 

इसके बाद दिग्विजय सिंह जयविलास पैलेस पहुंचे। वहां पहुंचकर दिवंगत माधवी राजे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और महाआर्यमन सिंधिया से बात कर उन्हें सांत्वना दी। दिग्विजय सिंह 2020 में सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद पहली बार जयविलास पैलेस पहुंचे। सिंह से मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैं ग्वालियर आया हूं स्वर्गीय राजमाता के देहांत पर श्रद्धांजलि देने और ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवारजनों से मिलने के लिए। जब उनसे भाजपा के चार सौ पर के नारे को लेकर सवाल पूछा गया तो वे जवाब दिए बिना ही आगे बढ़ गए। 

30 सितम्बर 2001 को जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया का एक विमान दुर्घटना में असामयिक निधन होने के समय दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। निधन की सूचना मिलते ही दिग्विजय भोपाल से तत्काल ग्वालियर पहुंच गए थे। उनकी अंतिम  संस्कार से लेकर बाकी सभी तैयारियां भी उन्होंने अपनी देखरेख में करवाई थी। वे 13 दिनों तक यहीं रुके थे। हालांकि उनके और सिंधिया के बीच सियासी रिश्ते कभी भी अच्छे नहीं रहे थे।