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मध्य प्रदेश चुनाव में 'गुजरात मॉडल' दरकिनार, BJP ने हारी सीटों पर जीत के लिए बनाई नई रणनीति

MP Assembly Elections 2023: भाजपा की ओर से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अब तक चार सूचियां आ गई हैं। भाजपा ने हारी सीटों पर जीत के लिए खास रणनीति बनाई है। पढ़ें यह रिपोर्ट....

मध्य प्रदेश चुनाव में 'गुजरात मॉडल' दरकिनार, BJP ने हारी सीटों पर जीत के लिए बनाई नई रणनीति
Krishna Singhवार्ता,भोपालTue, 10 Oct 2023 03:23 PM
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 57 उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट सोमवार को जारी कर दी थी। भाजपा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्रिमंडल के 24 मंत्रियों को एक बार फिर से चुनावी मैदान में मौका दिया है। इसके साथ ही भाजपा ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि पार्टी इस बार सूबे में गुजरात मॉडल को आजमा सकती है। लेकिन भाजपा ने नए चेहरों पर भरोसा नहीं जताया है। भाजपा इस बार पुराने चेहरों को ही उतारने की रणनीति पर अमल करती दिखाई दे रही है।  

इससे पहले भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों और लोकसभा सांसदों को उतार कर सभी को चौंका दिया था। हालांकि इसके पीछे भी एक खास रणनीति थी। भाजपा ने हारी हुई सीटों पर ही केंद्रीय मंत्रियों और लोकसभा सांसदों चुनावी समर में मौका दिया। जाहिर है भाजपा हारी सीटों को विजयी स्कोर में तब्दील करना चाहती है। अब चौथी सूची में न केवल 24 मंत्रियों को फिर से उन्हीं के विधानसभा क्षेत्रों से मौका दिया गया है, वरन अधिकतर मौजूदा विधायकों को ही फिर से टिकट देकर उन पर भरोसा जताया गया है। 

हालांकि जिन नौ मंत्रियों के चुनाव क्षेत्रों पर अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हुई है, अब सभी की नजरें उन्हीं पर टिकी हुई हैं। चौथी सूची में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक बार फिर उनके परंपरागत क्षेत्र बुधनी से चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके साथ ही 24 वर्तमान मंत्रियों की भी सीटें घोषित की गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम एक बार फिर अपने विधानसभा क्षेत्र देवतालाब से चुनावी मैदान में उतारे गए हैं। पार्टी की इस चौथी सूची में 24 वर्तमान मंत्रियों को फिर से उन्हीं के क्षेत्रों से चुनावी मैदान में उतारा गया है।

मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया से, भूपेंद्र सिंह खुरई से, गोपाल भार्गव रहली से, अरविंद सिंह भदौरिया अटेर से, प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर से, भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर ग्रामीण से और गोविंद सिंह राजपूत सुरखी से चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह मंत्री राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह को पन्ना से, राजेंद्र शुक्ल को रीवा से, बिसाहू लाल सिंह को अनूपपुर (अजजा) से, मीना सिंह को मानपुर (अजजा) से, कमल पटेल को हरदा से और डॉ प्रभुराम चौधरी को सांची (अजा) सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। 

मंत्री रामकिशोर कांवरे परसवाड़ा से, विश्वास सारंग नरेला (भोपाल) से और प्रेम सिंह पटेल बड़वानी (अजजा) से फिर से चुनाव लड़ेंगे। मंत्री विजय शाह एक बार फिर हरसूद (अजजा) से, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव बदनावर से, तुलसी सिलावट सांवेर (अजा) से, डॉ मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से, जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ (अजा) से, हरदीप सिंह डंग सुवासरा से और ओमप्रकाश सखलेचा जावद से प्रत्याशी बनाए गए हैं। 

अब तक जिन मंत्रियों के नाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं, उनमें सबसे अहम नाम मंत्री गौरीशंकर बिसेन (बालाघाट से), ऊषा ठाकुर (महू से), इंदर सिंह परमार (शुजालपुर से) और महेंद्र सिंह सिसोदिया (बमोरी से) का है। वरिष्ठ मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया (शिवपुरी से) पहले ही सार्वजनिक मंचों से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं। इसी बीच मंत्री ओपीएस भदौरिया (मेहगांव से), सुरेश धाकड़ (पोहरी से), ब्रजेंद्र सिंह यादव (मुंगावली से) और रामखेलावन पटेल (अमरपाटन से) का टिकट भी अभी घोषित नहीं किया गया है। 

इन आठों मंत्रियों में से सिसोदिया, भदौरिया, धाकड़ और यादव कांग्रेस से भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादत्यि सिंधिया के समर्थक माने जाते हैं। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा (होशंगाबाद से) का टिकट भी अभी घोषित नहीं किया गया है। भाजपा ने इसके पहले तीन सूचियों में क्रमश: उन्तालीस, उन्तालीस और एक प्रत्याशी के नाम की घोषणा की थी। ये सभी सीटें वे थीं, जहां पार्टी का कब्जा नहीं था। 

पार्टी ने अपनी दूसरी सूची में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दिमनी से, प्रहलाद पटेल को नरसिंहपुर से और फग्गन सिंह कुलस्ते को निवास से चुनावी मैदान में उतारा था। इसके साथ ही सांसद रीति पाठक का नाम सीधी से, राकेश सिंह का जबलपुर पश्चिम से, गणेश सिंह का नाम सतना से और राव उदयप्रताप सिंह का नाम गाडरवारा से प्रत्याशी के तौर पर घोषित किया गया था। इसी सूची में पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नाम की इंदौर-एक से प्रत्याशी के तौर पर घोषणा ने सभी को चौंका दिया था।

हालांकि, इनमें से भी बहुत सी सीटें ऐसी थीं, जहां उन्हीं चेहरों को मौका दिया गया था, जो पिछला विधानसभा चुनाव लड़े थे। चौथी सूची में 57 प्रत्याशियों के नामों के साथ अब तक कुल 230 सीटों में से 136 पर प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है। सूबे में अभी 94 सीटें शेष हैं जहां से भाजपा को उम्मीदवार घोषित करने हैं। वहीं विपक्षी कांग्रेस ने अभी एक भी सूची जारी नहीं की है। भाजपा के बारे में यह भी कहा जाता है कि पार्टी इंटरनल सर्वेक्षण के आधार पर टिकटों का आवंटन करती है। जाहिर है पार्टी ने यदि पुराने चेहरों पर भरोसा जताया है तो उसे सर्वेक्षणों में संतोषजनक संकेत मिले हैं तभी उसने ऐसा किया है। 

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