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Hindi News मध्य प्रदेश'मेरा कांग्रेस में जाना पार्टी और RSS की रणनीति थी', मध्यप्रदेश में भाजपा नेता के खुलासे से मचा बवाल

'मेरा कांग्रेस में जाना पार्टी और RSS की रणनीति थी', मध्यप्रदेश में भाजपा नेता के खुलासे से मचा बवाल

MP में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महू के भाजपा नेता कांग्रेस में चले गए थे। उन्होंने कांग्रेस से चुनाव भी लड़ा। अब उन्होंने खुलासा किया है कि ये सब उन्होंने BJP को जिताने के लिए ये सब किया था।

'मेरा कांग्रेस में जाना पार्टी और RSS की रणनीति थी', मध्यप्रदेश में भाजपा नेता के खुलासे से मचा बवाल
Sourabh Jainलाइव हिन्दुस्तान,महूThu, 11 Apr 2024 05:11 PM
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पिछले साल हुए मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए एक नेता के खुलासे ने प्रदेश में राजनीति गर्मा दी है। इंदौर जिले की महू सीट से ताल्लुक रखने वाले इन नेता का कहना है कि उन्होंने भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर और RSS के एक पदाधिकारी की सलाह पर कांग्रेस जॉइन की थी। ये सब एक रणनीति के तहत किया गया था, ताकि ठाकुर विधानसभा चुनाव आसानी से जीत सकें। 

भाजपा प्रत्याशी की स्थिति कमजोर थी

इस खुलासे को करने वाले महू के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी का नाम रामकिशोर शुक्ला हैं, जो कि अब फिर से भाजपा में शामिल हो चुके हैं। शुक्ला ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए दलबदल करने के पीछे की पूरी कहानी बताई। उन्होंने कहा, ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी उषा ठाकुर की स्थिति कमजोर थी और स्थानीय भाजपा नेता भी उनका विरोध कर रहे थे। भितरघात की वजह से उन्हें हार का डर सता रहा था। ऐसे में उन्होंने योजना बनाई कि अगर मैं कांग्रेस में चला जाऊं और वहां से चुनाव लड़ लूं तो कांग्रेस में बगावत होगी। इससे भाजपा को फायदा मिलेगा। 

संघ पदाधिकारी ने भी दी थी यही सलाह

शुक्ला ने बताया कि रणनीति यह थी कि मुझे टिकट मिलने से कांग्रेस के दावेदार नेता निर्दलीय लड़ेंगे, ऐसे में त्रिकोणीय चुनाव होने से कांग्रेस के वोट बंट जाएंगे। जिससे उषा ठाकुर आसानी से चुनाव जीत सकती हैं। शुक्ला के मुताबिक चुनाव से पहले अक्टूबर में संघ के उनके पदाधिकारी मित्र ने भी यही सलाह दी थी कि उन्हें कांग्रेस जॉइन करनी चाहिए। जब शुक्ला से उस पदाधिकारी का नाम पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के इंदौर विभाग के संगठन मंत्री अभिषेक उदेनिया ने उनसे ऐसा करने के लिए कहा था। शुक्ला की मानें तो अंतर सिंह दरबार को भी भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया था। 

रणनीति के अनुरूप आए चुनाव परिणाम

बता दें कि भाजपा नेताओं ने जो रणनीति बनाई गई थी परिणाम भी बिल्कुल उसी के अनुरूप आए। दरअसल कांग्रेस में जाने के बाद कांग्रेस ने शुक्ला को महू सीट से विधानसभा का टिकट दे दिया। उधर टिकट कटने से नाराज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतर सिंह दरबार बागी हो गए और चुनाव में निर्दलीय खड़े हो गए। ऐसे में उषा ठाकुर की जीत की राह आसान हो गई। ठाकुर ने यह चुनाव 34 हजार से ज्यादा मतों से जीता। दूसरे नम्बर पर निर्दलीय खड़े हुए अंतर सिंह दरबार रहे वहीं तीसरे नम्बर पर कांग्रेस उम्मीदवार रामकिशोर शुक्ला रहे।

यूं मिला कांग्रेस में जाते ही टिकट

कांग्रेस में शामिल होते ही विधानसभा का टिकट मिलने को लेकर शुक्ला ने बताया कि टिकट दिलवाने में सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी जैसे बड़े नेताओं सहित पार्टी में मेरे मित्रों ने मदद की थी। उस वक्त कई लोगों ने यह आरोप भी लगाया था कि मैंने पैसे देकर टिकट पाया है। जबकि ऐसा नहीं था। 

दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के बागी नेता

पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में  महू सीट से भाजपा प्रत्याशी उषा ठाकुर को 102,989 वोट, दूसरे नंबर पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी अंतर सिंह दरबार को  68,597 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशोर को 29,144 वोट मिले थे। बता दें कि ठाकुर के खिलाफ लड़ने वाले ये दोनों ही नेता अब भाजपा में आ चुके हैं। महू सीट से दो बार विधायक रहे अंतर सिंह दरबार जहां पिछले महीने भाजपा में शामिल हुए थे, वहीं शुक्ला चार दिन पहले ही फिर से भाजपा में आए हैं।