मध्य प्रदेश में भी सीएम बदलने की चर्चा, जानें- क्या बोले शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्री
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर पिछले दिनों चल रहे कयासों के बाद अब मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं हैं। हालांकि इस बारे में सवाल पूछे जाने पर सीएम शिवराज सिंह चौहान के...

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर पिछले दिनों चल रहे कयासों के बाद अब मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं हैं। हालांकि इस बारे में सवाल पूछे जाने पर सीएम शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट सहयोगी नरोत्तम मिश्रा ने इसे कोरी अफवाह करार दिया है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'बीजेपी पूरी तरह से एकजुट है और संगठित है। शिवराज सिंह चौहान और वीडी शर्मा की लीडरशिप में पार्टी आगे बढ़ रही है।' मीडिया में बीते कई दिनों से मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में शिवराज कैबिनेट के मंत्री ने उन पर विराम लगाने की कोशिश की है। उत्तराखंड में बीते दिनों त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत को सीएम बनाए जाने के बाद से ही कई राज्यों को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं।
कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा को लेकर कई बार चर्चाएं शुरू हुई हैं, लेकिन हर बार उन्होंने इसका खंडन किया है। पिछले दिनों येदियुरप्पा ने कहा था कि फिलहाल मैं ही राज्य का सीएम हूं और जब भी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कोई आदेश आएगा तो मैं जनता के हितों के लिए जो भी जरूरी काम बताया जाएगा, उसे मैं करूंगा। उनके अलावा हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर को लेकर भी चर्चाएं थी। बीते सप्ताह वह तीन दिनों के दिल्ली दौरे पर थे और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातें की थीं। इसके चलते हिमाचल में भी लीडरशिप में बदलाव के कयास थे, लेकिन हिमाचल लौटते ही ठाकुर ने इस बात से इनकार किया था।
BJP is totally united and organized under the leadership of Shivraj Singh Chouhan and VD Sharma: Madhya Pradesh Home Minister Narottam Mishra on speculations of change in leadership in the state pic.twitter.com/ACgpc3Bf6C
जयराम ठाकुर ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए कहा था कि अभी मैं ही हिमाचल का सीएम हूं और आगे भी रहूंगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों बीजेपी के संगठन महासचिव बीएल संतोष पहुंचे थे और राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों से अलग-अलग मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि इस दौरान नेताओं ने प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद से ही प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन या फिर कैबिनेट में बड़े फेरबदल के कयास लगने लगे थे। हालांकि पार्टी की टॉप लीडरशिप की ओर से इस पर कुछ भी नहीं कहा गया है।
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