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Hindi News मध्य प्रदेशजिस बेटे को मां ने लिया था गोद, वही निकला हत्यारा; मारकर घर में दफनाया

जिस बेटे को मां ने लिया था गोद, वही निकला हत्यारा; मारकर घर में दफनाया

आरोपी बेटे की पहचान दीपक के रूप में हुई है। दीपक ने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बताया कि उसकी मां लापता हो गई है। फिर वह कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचा। वहां मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

जिस बेटे को मां ने लिया था गोद, वही निकला हत्यारा; मारकर घर में दफनाया
Devesh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,श्योपुरThu, 09 May 2024 01:48 PM
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मध्य प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक बेटे ने अपनी विधवा मां की हत्या कर दी। मर्डर के बाद वह उन्हें घर में ही दफन कर दिया। इस केस में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि बुजुर्ग महिला की हत्या उसी बेटे ने की जिसे उन्होंने अनाथ आश्रम से गोद लिया था। मां को मारने के बाद आरोपी पुलिस स्टेशन पहुंचा और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। यह श्योपुर जिले की घटना है।

मर्डर के बाद पहुंचा थाने
आरोपी बेटे की पहचान दीपक के रूप में हुई है। दीपक ने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बताया कि उसकी मां लापता हो गई है। फिर वह कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचा। वहां मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पुलिस को दाल में कुछ काला लगा। सख्ती के साथ जब दीपक से पूछताछ की गई तब उसने दरिंदगी की पूरी कहानी सुनाई।

मां ने लिया था गोद
जानकारी के मुताबिक, इस मर्डर केस के पीछे पैसों को वजह बताया गया है। दीपक अपने खर्च के लिए लगातार विधवा मां से पैसों की डिमांड करता था। पैसे नहीं देने पर वह उसे जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड में दीपक के अलावा कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। 65 साल की बुजुर्ग महिला ने दीपक को अनाथ आश्रम से तब गोद लिया था जब वह केवल दो साल का था। बुढ़ापे में मां का सहारा बनने की बजाए दीपक लालच और लोभ में हत्यारा बन बैठा।

पिता की मौत के बाद चला गया दिल्ली
दरअसल, दीपक पढ़ाई में बहुत अच्छा था। उसने 12वीं में 89 फीसदी अंक लाए थे। उसे स्कॉलरशिप भी मिली थी। जानकारी के मुताबिक, रेलवे कॉलनी के भुवनेंद्र पचौरी और उनकी पत्नी ऊषा देवी के कोई बच्चे नहीं थे। उन्होंने दीपक को गोद लिया था। साल 2015 में भुवनेंद्र रिटायर हो गए और अगले ही साल हर्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। तब से दीपक और ऊषा देवी घर में रहते थे। उन दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। इसके बाद दीपक दिल्ली चला गया। कुछ ही दिनों पहले वह दिल्ली से लौटा था।

हत्या कर घर में ही दफनाया
छह मई को दीपक ने ऊषा देवी की हत्या कर दी। मां को मौत के घाट उतारने के बाद उसने सीढ़ियों के नीचे बाथरूम में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने 5 मई को ऊषा देवी को घर में देखा था। लेकिन इसके बाद वह दिखाई नहीं दीं। हत्या कर मां को दफनाने के बाद आरोपी ने सभी को बताया कि वह लापता हो गई हैं। लेकिन महिला रिश्तेदारों ने पुलिस को इसकी सूचना दी कि बुजुर्ग महिला 5 तारीख तक घर पर ही थीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बेटे से पूछताछ शुरू की। उसने जो बताया उसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

इनपुट- अमित कुमार