फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशसागर में सरकारी टीचर ने पत्नी सहित जान दी, 10% ब्याज वसूलने का जिक्र किया

सागर में सरकारी टीचर ने पत्नी सहित जान दी, 10% ब्याज वसूलने का जिक्र किया

पुलिस मोबाइल लोकेशन के सहारे सिरोंजा स्थित उनके मकान पर पहुंची। जहां पर दंपति के शव मंगलवार को फांसी के फंदे पर लटके मिले। उनकी कोई संतान नहीं थी। एकमात्र बेटे की मौत कुछ साल पहले हो गई थी।

सागर में सरकारी टीचर ने पत्नी सहित जान दी, 10% ब्याज वसूलने का जिक्र किया
bharatpur neet student suicide
Sourabh Jainलाइव हिंदुस्तान,सागर, मध्य प्रदेशWed, 05 Jun 2024 06:28 PM
ऐप पर पढ़ें

सागर में सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने सूदखोरों से परेशान होकर अपनी जान दे दी। उन्होंने पत्नी के साथ मिलकर खुदकुशी कर ली। दंपति ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम सिरोंजा स्थित मकान में फांसी लगाकर सुसाइड किया। सुसाइड नोट से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस का कहना है कि दंपति ने कर्ज लिया था और वे सूदखोरों से परेशान थे।

मृतक शिक्षक का नाम रामविलास शुक्ला (55) और उनकी पत्नी का नाम वंदना शुक्ला (50) था। रामविलास जनकपुर प्राथमिक शाला में पदस्थ थे और केसली में रहते थे। वे सोमवार को पत्नी के साथ सागर जाने का कहकर घर से निकले थे। जब वे नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। 

पुलिस मोबाइल लोकेशन के सहारे सिरोंजा स्थित उनके मकान पर पहुंची। जहां पर दंपति के शव मंगलवार को फांसी के फंदे पर लटके मिले। प्राप्त जानकारी के अनुसार वे यह मकान सालभर पहले ही बेच चुके थे, लेकिन खरीदार से कहकर उन्होंने एक कमरा किराए पर ले रखा था। इस मकान की बाहरी दीवारों पर कबीर के दोहे लिखे हुए हैं और पति-पत्नी अक्सर इस मकान में रुकने आया करते थे। 

दोनों शवों के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें शिक्षक ने अपने ऊपर कर्ज का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि वो कर्ज को लेकर तनाव में थे। नोट में शिक्षक ने योगेंद्र राजपूत, महेंद्र सिंह व राजाराम गौड़ पर पैसों के लिए धमकाने का आरोप लगाया। शिक्षक के मुताबिक योगेंद्र कर्ज पर 10% महीना ब्याज वसूलता था और उन्हीं की धमकियों की वजह से टीचर ने आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी। 

मृतक के बड़े भाई उमाशंकर ने पुलिस को बताया कि रामविलास प्लाटिंग का काम भी करते थे। उन्होंने सिरोंजा में किसी के साथ पार्टनरशिप में प्लाटिंग भी की हुई थी, इसी दौरान वे सिरोंजा में चल रही अवैध कॉलोनियों के जाल में फंस गए थे। अवैध कॉलोनियों में खरीदे गए प्लॉट की वजह से कई बार सौदे फेले हुए। घाटा होने पर कर्ज लेना पड़ा। इस दंपति की कोई संतान नहीं थी। दरअसल कुछ साल पहले उनके इकलौते बेटे की मौत हो गई थी और तब से परिवार में ये दोनों ही थे।

घटना की खबर मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान का दरवाजा पीछे से खुला हुआ था। अंदर रामविलास और उनकी पत्नी वंदना के शव फंदे पर रस्सी से अलग-अलग लटके हुए थे।