सोनम रघुवंशी पर SC में चल रही थी सुनवाई और केतन अग्रवाल-सिया गोयल का हुआ जिक्र
सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वह पहले ही जेल से बाहर निकल चुकी है और ऐसे में स्टे लगाना अभी उचित नहीं होगा। बहस के दौरान केतन अग्रवाल की हत्या का जिक्र भी आया।

सोनम रघुवंशी को निचली अदालत और मेघालय हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी एक बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि वह पहले ही जेल से बाहर आ चुकी है तो स्टे लगाने का मतलब जमानत को रद्द करना होगा। सुप्रीम कोर्ट में सोनम और राजा को लेकर चली बहस के दौरान केतन अग्रवाल और सिया गोयल की चर्चा भी हुई। सोनम की तरह सिया पर भी आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मंगेतर की हत्या कर डाली।
हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में करीब एक साल तक जेल में बंद रही सोनम रघुवंशी को 29 जून को हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी थी। सर्वोच्च अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि सोनम रघुवंशी को जेल से रिहा कर दिया गया है और वह अधीनस्थ अदालत की ओर से तय जमानत की शर्तों के तहत शिलांग में है। जस्टिस एमएम सुंद्रेश और शील नागू की अदालत में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राजा रघुवंशी की हत्या के घटनाक्रम का जिक्र किया और बताया कि किस तरह सोनम पर पति की हत्या का आरोप है।
मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट से सोनम को मिली जमानत का विरोध करते हुए देश की सबसे बड़ी अदालत का रुख किया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को कहा कि हाई कोर्ट ने मामले की मुख्य आरोपी को जमानत देकर गलती की है। मेहता ने कहा कि सोनम को इस आधार पर जमानत दी गई कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तार किए जाने के आधार की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
मेघालय सरकार ने कहा- टाइपो हो गया था
मेघालय सरकार ने दावा किया कि सोनम को गिरफ्तारी का जो आधार बताया गया था उसमें बस एक टाइपो था। मेमो में बीएनएस की धारा 101 (1) की जगह गलती से 403 (1) लिख दिया गया था। एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह बेहद चौंकाने वाला मामला है। दोनों हनीमून के लिए गए थे। पत्नी पति को पहाड़ी इलाके में ले जाती है और हत्या करके शरीर को वादी में फेंक दिया गया। तीन लोगों के साथ मिलकर। जस्टिस सुंद्रेश ने पूछा कि उसे फेंक दिया गया था या धक्का दिया गया? एसजी ने कहा कि राजा की पहले हत्या कर दी गई थी और फिर शव को खाई में फेंका गया।
सोनम रघुवंशी की ओर से क्या कहा गया
सोनम के वकील ने कहा, 'मुझ पर सख्त पाबंदियां लगाई गईं हैं। मैं शिलॉन्ग में हूं। उन्हें मुझसे अब कुछ बरामदगी नहीं करानी है। यदि ऑर्डर को स्टे किया जाता है तो यह जमानत रद्द करने जैसा होगा।'
केतन और सिया का जिक्र
बहस के दौरान एसजी ने अदालत से कहा कि इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। जस्टिस सुंद्रेश ने कहा, 'आपने एक फैसला देखा, जिसमें हमने बेगलुरु के सनसनीखेज मामले को देखा। हम इस पर ज्यादा नहीं कहना चाहते हैं, अलग-अलग पक्षों को आत्मचिंतन की आवश्यकता है।'एसजी ने केतन अग्रवाल और सिया गोयल के मामले का जिक्र करते हुए कहा, 'हाल ही में एक पत्नी ने अपने पति को हनीमून के दौरान इस आधार पर मार दिया कि पति विग पहनता है।' जस्टिस सुंद्रेश ने कहा, 'हम कुछ नहीं कहना चाहते हैं।'


