79 साल बाद भी बरकरार सिंधी घियर की मिठास, पाकिस्तान की खास मिठाई होली पर घोलती रिश्तों में स्वाद

Mar 03, 2026 12:00 pm ISTRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, खंडवा
share Share
Follow Us on

आजादी के बाद 1947 में हुए देश विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए सिंधी समाज के साथ एक खास परंपरा भी आई- ‘सिंधी घियर’ की मिठास। 79 वर्षों बाद भी यह खास मिठाई होली के त्योहार पर घर-घर में बनती और बांटी जाती है। 

79 साल बाद भी बरकरार सिंधी घियर की मिठास, पाकिस्तान की खास मिठाई होली पर घोलती रिश्तों में स्वाद

आजादी के बाद 1947 में हुए देश विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए सिंधी समाज के साथ एक खास परंपरा भी आई- ‘सिंधी घियर’ की मिठास। 79 वर्षों बाद भी यह खास मिठाई होली के त्योहार पर घर-घर में बनती और बांटी जाती है। समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन इस मिठाई का स्वाद और परंपरा आज भी वैसी ही कायम है।

बहन-बेटियों, रिश्तेदारों को भेजते हैं मिठाई

मध्य प्रदेश के खंडवा शहर की सिंधी कॉलोनी और सिंधी बाजार में होली से एक सप्ताह पहले ही दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगती है। लोग बड़ी मात्रा में घियर खरीदकर बहन-बेटियों और रिश्तेदारों को भेजते हैं। खास बात यह है कि यह मिठाई सिर्फ होली के मौके पर ही बनाई जाती है। सिंधी समाज के हजारों परिवार इसे परंपरा के रूप में निभाते आ रहे हैं। अब अन्य समाज के लोग भी इसकी खुशबू और स्वाद के दीवाने हो रहे हैं।

पाकिस्तान से सिंधी लोग लाए थे भारत

खंडवा के लोकप्रिय सिंधी बाजार में बड़े व्यापारी अनिल आरतानी बताते हैं कि जब सिंधी परिवार पाकिस्तान से भारत आए, तब वे अपनी सांस्कृतिक परंपराएं भी साथ लाए। घियर भी उन्हीं परंपराओं में से एक है। दशकों बाद भी होली पर इसका विशेष महत्व बना हुआ है।

डिमांड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन दिनों खंडवा में रोजाना करीब 15 क्विंटल घियर की खपत हो रही है। अलग-अलग दुकानों पर कारीगर दिन-रात इसे तैयार करने में जुटे हैं। खंडवा के हीरा स्वीट्स में पिछले 46 वर्षों से काम कर रहे कारीगर मोहन जगताप का कहना है कि इसकी मिठास लोगों के दिलों में बस चुकी है।

कैसे बनती है घियर मिठाई

घियर बनाने की प्रक्रिया भी खास है। कारीगर बताते हैं कि मैदा, दूध और केसर का घोल तैयार कर उसे दो दिनों तक खमीर आने के लिए रखा जाता है। इसके बाद इसे जलेबी की तरह आकार देकर शुद्ध घी में तला जाता है। हर दुकान का तरीका थोड़ा अलग होता है, लेकिन स्वाद लगभग एक जैसा रहता है।

15 दिनों तक नहीं होती खराब, जानिए कीमत

इस मिठाई की एक और खासियत है- यह 15 दिनों तक खराब नहीं होती। शुद्ध घी से बनी होने के कारण लोग इसे दूर रहने वाले रिश्तेदारों को उपहार में भेजते हैं। कीमत 400 से 800 रुपये प्रति किलो तक होती है। घी, तेल या डालडा के अनुसार दाम अलग-अलग होते हैं, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इसे खरीद सके। भारत-पाक रिश्तों में चाहे कितनी भी तल्खी रही हो, लेकिन सिंध नदी पार से आई यह मिठाई आज भी भारत में रिश्तों में मिठास घोल रही है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ , CBSE Board Result, MP Board 10th result, MP Board 12th result अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर|