इंदौर पानी त्रासदी में 70 वर्षीय बुजुर्ग ने गंवाई जान, बेटे ने सुनाई दर्दनाक आपबीती
Indore water contamination news: इंदौर में गंदा पानी पीने से अब तक 13 मौत होने का दावा सामने आ चुका है, हालांकि सरकार ने इसे नकारते हुए कम मौत की पुष्टि की है। इस त्रासद घटना में 6 महीने के मासूम से लेकर 70 साल के बुजुर्ग ने अपनी जान गंवाई है।

Indore water contamination news: इंदौर के भट्ठा रोड पर एक मामूली घर के बाहर रखी प्लास्टिक की कुर्सी खाली हो गई है। अब वहां सर्दियों की धूप सेंकने और पड़ोसियों का हाल-चाल पूछने वाले 70 साल के बुजुर्ग नंदलाल दिखाई नहीं दे रहे हैं। नंदलाल के परिवार का आरोप है कि उनकी जान दूषित पानी पीने से चली गई है। इंदौर में गंदा पानी पीने से अब तक 13 मौत होने का दावा सामने आ चुका है, हालांकि सरकार ने इसे नकारते हुए कम मौत की पुष्टि की है। इस त्रासद घटना में 6 महीने के मासूम से लेकर 70 साल के बुजुर्ग ने अपनी जान गंवाई है। जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल है।
परिवार बोला- दूषित पानी पीने से हुई मौत
परिजनों ने बताया कि नंदलाल पाल को मंगलवार सुबह तेज उल्टी और दस्त होने लगी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि नंदलाल की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है, तो वहीं परिवार का आरोप है कि उनकी तबीयत दूषित पानी पीने के बाद खराब हुई है। इसके चलते ही उनकी मौत हुई है।
वो बिल्कुल ठीक थे, लेकिन...
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नंदलाल के बेटे सिद्धार्थ ने बताया- "पिता जी बिल्कुल ठीक थे। लेकिन पानी पीने के बाद सब कुछ बदल गया।" उन्होंने बताया कि मैं एक दिन के लिए ओंकारेश्वर गया था, लेकिन पता चला कि उनकी तबीयत खराब हो गई है, तो तुरंत वापस आ गया। हम उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उनका ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा था। वो कुछ बोल नहीं पा रहे थे। अगले दिन तक उनकी मौत हो गई।
नेता अधिकारी कोई मिलने नहीं आया
बेटे ने आरोप लगाया है कि कोई नेता या अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया है। उन्होंने कहा, "जब बॉडी ले जाई जा रही थी तो मीडिया वालों ने मदद की। हमें बताया गया था कि मुआवज़ा मिलेगा, लेकिन कोई घर नहीं आया।" उन्होंने कहा, “जब बॉडी ले जाई जा रही थी तो मीडिया वालों ने मदद की। हमें बताया गया था कि मुआवज़ा मिलेगा, लेकिन कोई घर नहीं आया।”
परिवारों ने कहा मौतें ज्यादा हुई हैं
लगातार सात बार भारत का सबसे साफ शहर घोषित हो चुका इंदौर, भागीरथपुरा में डायरिया के एक गंभीर प्रकोप से हिल गया है, जो कथित तौर पर दूषित पीने के पानी से जुड़ा है। अधिकारियों ने कई मौतों की पुष्टि की है, लेकिन परिवार जोर देकर कहते हैं कि गिनती ज्यादा है और इस संकट की असली कीमत सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि दुख, कर्ज और चुप्पी में मापी जा रही है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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