दतिया में धारा 163 लागू, हाईवे जाम; नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर बवाल, पथराव में SP समेत 8 घायल
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को आगामी दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी से टिकट न मिलने के विरोध में उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 जाम कर दिया और पुलिस से भिड़ गए। इस दौरान हुए पथराव में एसपी समेत 8 पुलिस कर्मी घायल हो गए।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर शुरू हुआ विरोध अब कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती बन गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का विरोध लगातार उग्र होता गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है।
प्रशासन के आदेश के अनुसार, अब बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर रोक रहेगी। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश उपचुनाव के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
15 से 20 किलोमीटर लंबा चक्का जाम
शुक्रवार शाम शुरू हुआ प्रदर्शन शनिवार तड़के हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा चक्का जाम कर दिया, जिससे हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे। पुलिस द्वारा रास्ता खाली कराने के प्रयास के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक वाहन पलट गया।
पथराव में एसपी समेत 8 पुलिसकर्मी घायल
शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे हुए पथराव में पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, नरोत्तम मिश्रा के कुछ समर्थकों के भी घायल होने की सूचना है। सभी घायलों का उपचार कराया गया और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
250 कार्यकर्ताओं को भाजपा दफ्तर में ही रोका
बड़ौनकलां में जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन दतिया स्थित भाजपा कार्यालय में करीब 250 कार्यकर्ताओं को अंदर ही रोक दिया। कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
भाजपा के कई पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
विरोध केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। टिकट बदलने के फैसले से नाराज भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। नगर मंत्री और भाजपा कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ दिया। समर्थकों का दावा है कि कई भाजपा पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए हैं।
टिकट कटने और बवाल पर क्या बोले नरोत्तम मिश्रा
दतिया में जारी बवाल के 20 घंटे बाद नरोत्तम मिश्रा सामने आकर कहा कि यह पार्टी का फैसला है। अपने समर्थकों से उन्होंने कहा कि मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि आप पार्टी के मंच पर अपनी बात रख सकते हैं, ऐसा करने का एक तरीका होता है। हालांकि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल और केरोसिन लिए कार्यकर्ताओं के वीडियो को देखने के बाद उन्होंने कहा कि अपनी बात कहने का यह सही तरीका नहीं है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को होना है। ऐसे में भाजपा के भीतर बढ़ता असंतोष और प्रशासन की सख्ती इस चुनाव को और अधिक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है।
रिपोर्ट - अमित कुमार


