मंदिर-मस्जिद को लेकर जबलपुर में बवाल!जमकर हुई पत्थरबाजी; भारी पुलिस बल तैनात
मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार को भारी बवाल हो गया। यहां मंदिर-मस्जिद को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। जमकर हुई पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार रात बवाल हो गया। यहां के सिहोरा इलाके में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए जब दुर्गा मंदिर में आरती के दौरान एक युवक ने मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद शुरू हुए विवाद में दूसरे समुदाय से जुड़े कई लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। कुछ देर में हालात इस कदर बिगड़े कि दर्जनों की तादाद में उपद्रवी हाथों में लाठी डंडे और पत्थर लेकर सड़कों पर निकले और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
क्या है पूरा मामला
इस पूरे विवाद के पीछे लाउडस्पीकर की तेज आवाज को वजह बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंदिर में आरती के दौरान बजाए जा रहे स्पीकर की आवाज पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने एतराज जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। घटना सिहोरा के वार्ड नंबर- 5 आजाद चौक की है। इस इलाके में दुर्गा मंदिर के ठीक सामने ही मुस्लिम समुदाय की मदीना अहले सुन्नत के नाम से मस्जिद भी है। मंदिर और मस्जिद आमने-सामने होने के चलते यहां दोनों पक्षों में टकराव की संभावना हमेशा से ही बनी रहती है और रमजान माह के शुरू होने के साथ ही इलाके के हालात तनावपूर्ण हो गए।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका
घटना की सूचना मिलते ही भारी तादाद में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई। जबलपुर रेंज के आईजी, डीआईजी, जिले के कलेक्टर, एसपी के साथ साथ पुलिस और प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हालात को काबू में किया। फिलहाल पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा उपद्रवियों की पहचान कर ली है, जिनमें से 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। इसके अलावा उपद्रवियों की गाड़ियों को जब्त करने के साथ ही उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार आजाद चौक क्षेत्र को पहले से ही अतिसंवेदन शील माना जाता रहा है। यहां दुर्गा मंदिर और मस्जिद आमने-सामने हैं ओर आए दिन विवाद की स्थिति बनती रही है, घटना के समय मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज लगभग एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। युवक के साथ मारपीट और मंदिर की ग्रिल तोड़ने के बाद पथराव में बदल गया। सूचना मिलते ही सिहोरा पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है स्थिति नियंत्रण करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
इस मामले पर सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े का कहना है कि भोपाल मैं विधायक दल की बैठक में था। इस दौरान सिहोरा के कार्यकर्ताओं ने मुझे जानकारी दी है। एसपी और एसडीओपी से बात की है। फिलहाल हालात अभी ठीक है। जबलपुर के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को भी सिहोरा की घटना की जानकारी दे दी गई है।
एसएसपी ने क्या बताया
एसएसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि आजाद चौक के पास एक मंदिर में आरती के दौरान दोनों पक्ष करीब 10 मिनट तक एक-दूसरे से भिड़े और इसके बाद पत्थरबाजी हुई। सूचना मिलने पर सिहोरा, खितौली और गोसलपुर थाने की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। जबलपुर से भी पुलिस की और फोर्स भेजी गई। पुलिस अब झगड़े की वजह और कथित पत्थरबाजी के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने सभी से घर के अंदर रहने की अपील भी की है। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए एक्स्ट्रा फोर्स भेजी गई है।
रिपोर्ट: विजेन्द्र यादव
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर



