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RSS पैरा-मिलिट्री नहीं है, ये लोग संघ को समझते ही नहीं…; मोहन भागवत का बड़ा बयान

RSS पैरा-मिलिट्री नहीं है, ये लोग संघ को समझते ही नहीं…; मोहन भागवत का बड़ा बयान

संक्षेप:

उन्होंने कहा कि संघ को लेकर लोगों के मन में गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं, जबकि RSS का असली मकसद समाज को जोड़ना और उसे मजबूत बनाना है। भागवत ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे लोग संघ को ठीक से समझते नहीं हैं। जानिए उन्होंने और क्या कुछ कहा?

Jan 02, 2026 11:27 pm ISTRatan Gupta पीटीआई, भोपाल
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान देते हुए कहा- संघ कोई पैरा-मिलिट्री संगठन नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर लोगों के मन में गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं, जबकि RSS का असली मकसद समाज को जोड़ना और उसे मजबूत बनाना है। भागवत ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे लोग संघ को ठीक से समझते नहीं हैं। जानिए उन्होंने और क्या कुछ कहा?

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ये लगो संघ को ठीक से नहीं समझते

भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक एक जैसी वर्दी पहनते हैं, मार्च करते हैं और लाठी का अभ्यास भी करते हैं। लेकिन सिर्फ इन बातों के आधार पर यह मान लेना कि RSS कोई पैरा-मिलिट्री संगठन है, गलत है। उन्होंने कहा, “अगर कोई ऐसा सोचता है तो वह संघ को ठीक से नहीं समझता। RSS एक अलग तरह का संगठन है।”

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इंटरनेट या विकिपीडिया पर हर बात सही नहीं

भागवत ने कहा कि आजकल लोग किसी भी विषय को गहराई से समझने की कोशिश नहीं करते। वे जल्दी-जल्दी जानकारी के लिए इंटरनेट या विकिपीडिया जैसे स्रोतों पर निर्भर हो जाते हैं, जहां हर बात सही हो, यह जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग सही और भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लेते हैं, वे संघ की भूमिका और उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

RSS को लेकर गलत कहानी बनाई जा रही

उन्होंने यह भी कहा कि RSS को लेकर जानबूझकर एक गलत कहानी बनाई जा रही है। इसी वजह से संघ को अपने काम और सोच के बारे में लोगों को बार-बार समझाना पड़ रहा है। इतिहास की बात करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत पर हमला करने वाले अंग्रेज पहले लोग नहीं थे। उनसे पहले भी कई बार बाहर से आए लोगों ने भारत को हराया। उन्होंने कहा कि ये लोग न तो भारत से ज्यादा अमीर थे और न ही ज्यादा अच्छे या गुणवान, फिर भी उन्होंने हमें हराया। ऐसा सात बार हुआ और अंग्रेज आठवें आक्रमणकारी थे।

अपने फायदे में सोचने पर देश कमजोर होगा

भागवत ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा बार-बार हुआ है तो आजादी की असली सुरक्षा क्या है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब समाज को खुद तलाशना होगा। जब लोग सिर्फ अपने फायदे के बारे में सोचेंगे, तब देश कमजोर होगा। लेकिन अगर समाज एकजुट रहेगा और अच्छे मूल्यों को अपनाएगा, तो देश मजबूत बनेगा।