
वंदे मातरम बोलना इस्लाम के खिलाफ नहीं, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मदनी पर तगड़ा पलटवार
RSS से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान को खारिज कर दिया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा है कि 'वंदे मातरम' राष्ट्रीय गीत है जिसको गाना इस्लाम के खिलाफ नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने रविवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान को खारिज करने के साथ ही उन पर जोरदार पलटवार किया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एसके मुद्दीन ने कहा है कि भारत में मुसलमानों को पूर्ण संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त है। 'वंदे मातरम' राष्ट्रीय गीत है और इसे गाना इस्लाम के खिलाफ नहीं है।
मुस्लिम बेटे और बेटियां सेनाओं में
मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मुद्दीन ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत में मुसलमान सबसे सुरक्षित हैं। मौलाना महमूद मदनी यह स्वीकार करने में विफल रहे हैं कि भारत के मुस्लिम बेटे और बेटियां सशस्त्र बलों, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य प्रमुख संस्थानों में देश की सेवा कर रहे हैं।
'वंदे मातरम' गाना इस्लाम के खिलाफ नहीं
एसके मुद्दीन ने कहा कि मौलाना महमूद मदनी जैसे नेताओं के बयानों ने मुसलमानों को प्रगति की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। 'वंदे मातरम' राष्ट्रीय गीत है और इसे गाना इस्लाम के खिलाफ नहीं है, क्योंकि यह मातृभूमि को सलाम करता है। अपने वतन की मिट्टी की तारीफ करना इस्लाम का हिस्सा है।
अलगाववादी मौलवियों से सतर्क रहने की अपील
एसके मुद्दीन ने बुद्धिजीवी मुसलमानों से ऐसे 'अलगाववादी विचारधारा वाले मौलवियों' से सतर्क रहने और उनका खुलकर विरोध करने की अपील की। देश के आम मुसलमान 2 वक्त की रोटी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भारतीय मुसलमान अपने परिवारों का पालन-पोषण शांति से कर रहे हैं।
विहिप ने फूंका पुतला
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित अन्य संगठनों ने भोपाल में रविवार को मदनी पर देश और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया। साथ ही इन संगठनों ने रोशनपुरा चौराहा पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मदनी का पुतला फूंका।
क्या कहा था मदनी ने
जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि देश के मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील और चिंताजनक हैं। एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।





