
अविमुक्तेश्वरानंद ने अन्याय किया; योगी सरकार के समर्थन में उतरे रामभद्राचार्य महाराज
जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज आज ग्वालियर में थे। उनसे इसी दौरान पत्रकारों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना पर सवाल किया। इसपर रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुद अन्याय किया है, गंगा तक रथ में नही जाया जाता।
प्रयागराज में माघ मेले में आए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना पर अब जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज का भी बयान आया है। उन्होंने इसे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान न बताते हुए कहा कि उन्होंने तो खुद अन्याय किया है। योगी सरकार के समर्थन में रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि सरकार ने उन्हें ठीक नोटिस दिया है। उन्हों नियमों का पालन करना चाहिए थे।
जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज आज ग्वालियर में थे। उनसे इसी दौरान पत्रकारों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना पर सवाल किया। इसपर रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुद अन्याय किया है,गंगा तक रथ में नही जाया जाता।
रामभद्रचार्य महाराज ने आगे कहा कि उनके साथ कोई अन्य नहीं हुआ है असल में अन्याय उन्होंने किया है,नियम यह होता है। मैं तो जगतगुरु हूं,वह तो अभी जगतगुरु भी नहीं हैं। नियम यह है कि गंगा तक रथ से नहीं जाया जाता है, जब पुलिस ने उन्हें रोका था आप आगे मत जाइए तो रुकना चाहिए था। हम लोग स्वयं संगम में पैदल जाते हैं। सरकार द्वारा दिए गए नोटिस को भी उन्होंने सही बताया है। धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने वाले बयान को रामभद्राचार्य ने सही बताया।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि हिंदू शब्द फारसी से आया है,भारत में कोई हिंदू नहीं हैं, इस सवाल पर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा मैं स्पष्ट कहूं तो दिग्विजय सिंह को शास्त्र में कुछ भी नहीं आता है मैं जेमिनी सभ्यता का उदाहरण दे रहा हूं, कुछ पुराने तंत्र शास्त्र हैं उनमें भी हिंदू को परिभाषित किया गया है। जिन्हें श्लोकों के जरिए बताया गया है, उनको कुछ ज्ञात ही नहीं है, उन पर अब क्या ही कहा जा सकता है।
रिपोर्ट- अमित कुमार





