सोनम को जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगा राजा रघुवंशी का परिवार, करेगा यह मांग
इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी पत्नी सोनम को जमानत मिलने से उनका परिवार सदमे में है। मेघालय पुलिस पर लापरवाही और चार्जशीट न देने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने CBI जांच की मांग की है।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम को निचली अदालत से जमानत मिलने पर उनका परिवार गहरे सदमे में है। मई 2025 में मेघालय घूमने के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी, जिसमें सोनम और उसके मित्र सहित 8 लोग आरोपी हैं। राजा की मां और भाई ने मेघालय पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया है और आरोप लगाया है कि उन्हें अब तक चार्जशीट की कॉपी भी नहीं मिली है। न्याय की गुहार लगाते हुए परिवार ने अब इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
राजा के परिजनों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की बात कही है। मेघालय पुलिस पर भी उनका भरोसा टूट रहा है। परिवार का कहना है कि हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग उठाएंगे।
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी 23 मई 2025 को मेघालय से गायब हो गए थे। वह अपनी पत्नी सोनम के साथ मेघालय हनीमून मनाने गए थे। कुछ समय तक सोनम भी लापता रही लेकिन 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स के सोहरा में एक झरने के पास राजा की लाश मिली। इसके बाद 9 जून 2025 को पुलिस ने सोनम को गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया। इस हत्या के मामले में सोनम और उसके दोस्त राज कुशवाहा समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया। सोनम काफी समय से मेघालय की जेल में बंद थी लेकिन अब मंगलवार को उसे निचली अदालत से जमानत मिल गई।
भावुक हुईं मां
इस पर राजा की मां उमा रघुवंशी ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कथित तौर पर वारदात की मास्टरमाइंड होने के बावजूद सोनम को जमानत कैसे मिल गई। मेघालय पुलिस ने नौ महीने तक मामले की गहन जांच की थी, फिर भी पूरा खेल अचानक बदल गया। मैं बेटे के लिए न्याय चाहती हूं। उन्होंने मांग उठाई कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। वहीं, राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि परिवार निचली अदालत के आदेश को मेघालय हाईकोर्ट में चुनौती देगा।
अब तक आरोपपत्र की प्रति नहीं दी गई
विपिन रघुवंशी ने मेघालय पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हेराफेरी का संदेह जताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से उन्हें अभी तक आरोपपत्र की प्रति नहीं दी गई है। अदालत में बहस के दौरान सोनम के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि मेघालय पुलिस ने उसे गिरफ्तारी का कोई ठोस कारण नहीं बताया था, जो कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। बता दें कि मेघालय पुलिस ने इस मामले में सितंबर 2025 में सोनम, राज कुशवाहा और आठ आरोपियों के खिलाफ 790 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
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