
ग्वालियर में अंबेडकर की फोटो जलाने पर प्रदर्शन, वकील अनिल मिश्रा सहित 8 लोगों पर FIR
शुक्रवार को भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी सहित कई दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को नाकाफी बताते हुए एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और आपत्तिजनक नारेबाजी के मामले को लेकर ग्वालियर में विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी सहित कई दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को नाकाफी बताते हुए एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की।
7 के खिलाफ दर्ज हुई FIR, 4 अरेस्ट
दरअसल, गुरुवार रात डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के मामले में साइबर सेल थाना ग्वालियर में एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, अनिल मिश्रा को गुरुवार रात उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे मुरैना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे थे।
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया
इधर पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए पुरानी छावनी थाना से जिला अस्पताल ले जाया।मेडिकल के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। इस दौरान कोर्ट के बाहर का दरवाजा बंद कर दिया गया है। वकीलों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।
आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक एसएसपी धर्मवीर सिंह स्वयं मौके पर पहुंचकर ठोस आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा गया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सीबी प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। आरोपियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया।
NSA लगाने पर क्या बोले अधिकारी?
एसडीएम सीबी प्रसाद ने कहा कि किसी के द्वारा पोस्टर जलाने के प्रतिक्रिया स्वरूप ये लोग यहां आए थे। इन्होंने ज्ञापन दिया है। एसपी के आदेश पर आरोपियों पर कार्रवाई कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसलिए कार्रवाई पुलिस या जिला प्रशासन पहले से ही कर रहा है। धाराएं बढ़ाने की फैसला कोर्ट करेगा। एनएसए की कार्रवाई की प्रक्रिया लंबी है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को अपीलीय बोर्ड में प्रतिवेदन भेजना होता है।

लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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