इंदौर का रुद्र उत्तराखंड में मिला, प्रेमानंद महाराज से मिलने निकला था छात्र, ₹500 लेकर छोड़ा घर
इंदौर के खजराना क्षेत्र से पत्र लिखकर लापता हुए 10वीं के छात्र रुद्र पांडेय को पुलिस ने चार दिन बाद उत्तराखंड से सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह सोशल मीडिया पर संतों के प्रवचन और रील्स देखता था और उन्हीं से प्रभावित होकर घर छोड़ गया था।

इंदौर के खजराना क्षेत्र से पत्र लिखकर लापता हुए 10वीं के छात्र रुद्र पांडेय को पुलिस ने चार दिन बाद उत्तराखंड से सुरक्षित बरामद कर लिया। वह गुप्तकाशी क्षेत्र में रुका हुआ मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह सोशल मीडिया पर संतों के प्रवचन और रील्स देखता था और उन्हीं से प्रभावित होकर आध्यात्म की तलाश में घर छोड़कर निकल पड़ा।
पुलिस के अनुसार, रुद्र 12 मार्च को घर से निकलते समय एक पत्र लिखकर गया था। इसमें उसने वृंदावन जाकर संत प्रेमानंद महाराज से मिलने और “अपने असली परिवार” के पास जाने की बात लिखी थी। पत्र में उसने भावुक शब्दों में लिखा था — “मैं रुद्र पांडेय आ रहा हूं महाराज जी, आपके चरणों में। मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। मम्मी-पापा मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया, अब मैं चलता हूं।”
चिट्ठी में बताई घर छोड़ने की वजह
"पापा, मम्मी, भैया, दादा... मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। आप गांव चले जाना। आपके साथ का जीवन पूरा हो गया है... रोइएगा नहीं। मुझे खोजने की कोशिश भी न कीजिएगा" भावुक और हैरान कर देने वाले ये शब्द 13 साल के बच्चे के हैं। इंदौर में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले रुद्र ने अपना घर-द्वार छोड़ दिया। घर छोड़ने से पहले उसने एक चिट्ठी लिखी। इसमें घर छोड़कर जाने की वजह बताई।
500 रुपये साथ ले गया था लड़का
रुद्र घर से निकलते समय करीब 500 रुपये भी साथ ले गया था। उसने पत्र में यह भी लिखा था कि ये रुपये उसका दोस्त उसके माता-पिता को लौटा देगा। बेटे के अचानक गायब होने और पत्र मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। आखिरकार परिजनों ने खजराना थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को शक था कि किशोर वृंदावन की ओर गया होगा, इसलिए वहां भी तलाश की जा रही थी। इसी बीच किशोर ने आधार कार्ड की जरूरत बताकर अपने पिता को फोन कर दिया। फोन कॉल के आधार पर लोकेशन का पता लगाया गया और इंदौर पुलिस ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग पुलिस की मदद से उसे गुप्तकाशी क्षेत्र से बरामद कर लिया। पुलिस टीम किशोर को सुरक्षित इंदौर लेकर आई और रविवार को उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किशोर पूरी तरह सुरक्षित है और अब काउंसलिंग के माध्यम से उसे समझाइश दी जा रही है।
रिपोर्ट : हेमंत


