पुलिस ने गुना में कार में पकड़ा एक करोड़ कैश, 20 लाख लेकर छोड़ दिया; 4 सस्पेंड
मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान 1 करोड़ रुपये का संदिग्ध कैश पकड़ने और फिर सौदेबाजी कर उसे छोड़ने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हडकंप मचा दिया है।

मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपये का संदिग्ध कैश पकड़ने और फिर सौदेबाजी कर उसे छोड़ने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हडकंप मचा दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
मामला तूल पकड़ने और सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा का विषय बना रहा। इस मामले की चर्चा सुन शनिवार देर रात ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी स्वयं धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों से घंटों सख्त पूछताछ की और थाना प्रभारी सहित अन्य तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया।
क्या था पूरा मामला
सूत्रों के अनुसार यह पूरी घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात की है। नेशनल हाईवे-46 पर रूठियाई चौकी के पास पुलिस टीम वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर जीजे 05 आरके 9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही है। गाड़ी की सघन तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले, जिनकी कुल रकम करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकडने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय, मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना।
20 लाख रुपए लेकर छोड़ दिया संदिग्ध कैश
चर्चा है कि पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपये में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये अपने पास रख लिए और बाकी के 80 लाख रुपये के साथ कारोबारी को जाने दिया।मामले में नाटकीय घटनाक्रम के तहत गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपए भी वापस कर दिए। वहीं इसी के साथ मामले ने तूल पकड़ लिया। हवाला से जुड़े इस संदिग्ध कांड की खबर जब जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश के गलियारों तक पहुंची, तो प्रशासन सक्रिय हो गया।
देर रात ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी अचानक धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे।उन्होंने पूरी रात चौकी के रिकॉर्ड खंगाले और घटना के वक्त तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए।सूत्रों का कहना है कि डीआईजी ने बेहद सख्त लहजे में पूछताछ की है और यह जानने की कोशिश की है कि आखिर इतनी बड़ी बरामदगी को रिकॉर्ड में क्यों नहीं लाया गया और किसके आदेश पर गाड़ी को बिना कार्रवाई के छोड़ा गया।
मिली जानकारी के अनुसार मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब यह बात सामने आई कि गुजरात के किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपये भी आनन-फानन में वापस कर दिए। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मामले डीआईजी अमित सांघी ने बताया की आज मामला संज्ञान में आया कि एक वाहन चेकिंग के दौरान एक मामला सामने आया था। यहां के मामले को समझा और अभी प्रथम दृष्टया लगता है कि 19 तारीख की रात को वाहन चेकिंग में जो विधि संगत कार्रवाई करनी चाहिए, वैसी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इसमें एक डिटेल जाँच आदेशित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो वाहन था जो की फरियादी यहाँ पर नहीं है, तो निश्चित तौर पर प्रथम दृष्टि ऐसा लग रहा है कि इसमें एक बहुत गहन जाँच की अवश्यकता है।
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