
लकवा से छोड़नी पड़ी किसानी, पन्ना की धरती ने बनाई किस्मत; किसान को मिला हीरा
हीरा उगलने के लिए जानी जाने वाली पन्ना की धरती ने एकबार फिर गरीबी की मार झेल रहे एक मेहनतकश किसान की किस्मत बदली है। खजुराहो के किसान राजेन्द्र सिंह बुंदेला को 3.39 कैरेट का जैम्स क्वालिटी का हीरा मिला है।
हीरा उगलने वाली पन्ना की धरती ने एकबार फिर एक मेहनतकश किसान की किस्मत बदली है। खजुराहो के किसान राजेन्द्र सिंह बुंदेला को कृष्णा कल्याणपुर पटी की उथली खदान में 3.39 कैरेट का जैम्स क्वालिटी की श्रेणी का हीरा मिला है। यह हीरा पारदर्शिता, रंग और क्वालिटी के मामले में बेहद उत्कृष्ट बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस हीरे की बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये से भी अधिक पहुंच सकती है।
लकवे के बाद बदली जिंदगी
करीब डेढ़ साल पहले राजेन्द्र सिंह लकवा मार गया। इस बीमारी के बाद वह सामान्य खेतिहर का कामकाज नहीं कर पाते थे। उनको खेती का काम भी छोड़ना पड़ गया था। उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई। स्वास्थ्य में सुधार आने पर उन्होंने सोचा कि अब ऐसी मेहनत करनी होगी जिसमें ज्यादा शारीरिक श्रम करने की जरूरत न पड़े।
मेहनत और आस्था का मिला फल
इसके बाद उन्होंने हीरा कार्यालय से पट्टा लेकर उथली में खदान लेने का निर्णय लिया। राजेन्द्र सिंह बुंदेला बताते हैं कि वे कई महीनों से नियमित रूप से खदान पर पहुंचते रहे। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे जब मिट्टी की छंटाई कर रहे थे तभी उन्हें चमकता पत्थर दिखाई दिया। अनुभवी मजदूरों की सलाह पर उसे लेकर वे सीधा हीरा कार्यालय पहुंचे और वहां इसे जमा करा दिया।
भगवान जुगल किशोर जु की कृपा
बुंदेला इस सफलता को अपने ईष्ट भगवान जुगल किशोर जु की कृपा का परिणाम बताते हैं। उन्होंने कहा ईश्वर की कृपा से यह हीरा मिला है। इससे मेरी आर्थिक स्थिति ठीक होगी। मैं नीलामी से मिलने वाली रकम को दोबारा हीरा खोजने में लगाऊंगा। मेरा सपना है कि हीरा कार्यालय में लगी बड़े हीरों की सूची में मेरा नाम भी दर्ज हो।
बेहतरीन क्वालिटी का हीरा
हीरा पारखी अनुपम सिंह के अनुसार यह हीरा आकार में आकर्षक है। इसकी क्वालिटी बेहतरीन है। यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है। इसका रंग और पारदर्शिता इसके कैरेट को बढ़ाती है। यह वजन में भी काफी महत्वपूर्ण है। नीलामी में यह अच्छा मूल्य दिलाएगा।
पन्ना में फिर चमका भाग्य
पन्ना में पिछले कुछ समय से लगातार स्थानीय मजदूरों, किसानों और पट्टाधारकों द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले हीरे मिलने का सिलसिला जारी है। राजेन्द्र सिंह का यह हीरा भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पन्ना की धरती मेहनत और सब्र करने वालों को खाली हाथ नहीं लौटाती।
रिपोर्ट- जयप्रकाश





