MP के सिवनी में निहंग सिखों ने टोल बूथ कर्मचारियों को पीटा, तलवार व डंडे से मारा; बिना टोल दिए भागे
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा, 'वीडियो में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। घटना के वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।' उधर टोल कर्मचारियों ने बताया कि घटना के बाद आरोपी महाराष्ट्र की ओर चले गए।

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में टोल शुल्क को लेकर हुए विवाद के बाद निहंग सिखों के एक समूह ने टोल बूथ कर्मचारियों से मारपीट कर दी। घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब पंजाब से निहंग सिखों को लेकर आ रहा वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित मढ़ई टोल प्लाजा पर पहुंचा। इसके बाद जब उनसे टोल मांगा गया तो उन्होंने देने से इनकार किया और इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शनिवार को कथित घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार निहंग सिखों का यह समूह महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहा था, जहां तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब गुरुद्वारा स्थित है। इस बारे में दर्ज प्राथमिकी के हवाले से पुलिस ने बताया कि टोल कर्मचारियों का आरोप है कि समूह ने टोल शुल्क दिए बिना आगे बढ़ने का प्रयास किया और अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। रोके जाने पर कुछ लोग वाहन से उतरकर कर्मचारियों से अभद्रता करने लगे।
विवाद बढ़ने पर उन्होंने कथित तौर पर टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल पर तलवार की मूठ और बेसबॉल के बैट से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। इस घटना को लेकर मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित गुप्ता ने लखनादौन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
लखनादौन के थाना प्रभारी के.पी. धुर्वे ने बताया कि टोल प्लाजा प्रबंधक अमित कुमार गुप्ता की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, 'वीडियो में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। घटना के वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।' उधर टोल कर्मचारियों ने दावा करते हुए बताया कि घटना के बाद आरोपी निहंगों का समूह महाराष्ट्र की ओर चला गया।


