नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिला तो MP में बड़ा बवाल, एक हाईवे पूरी तरह ठप; पुलिस पर पथराव
दतिया विधानसभा उपचुनाव के ऐलान के बाद यहां जमकर बवाल हो रहा है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट ना मिलने से नाराज समर्थकों ने सड़क पर जमकर बवाल किया और पथराव भी किया। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं और पूरा हाईवे बंद हो गया है।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के ऐलान के बाद से पूरे इलाके का सियासी तापमान बदला हुआ है। उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय जनता पार्टी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतार दिया। लिस्ट में नरोत्तम मिश्रा का नाम ना होने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने दतिया में इस्तीफों की झड़ी लगा दी। इसके बाद टिकट ना मिलने से नाराज समर्थकों ने एक स्तर आगे जाकर नेशनल हाईवे को ही जाम कर दिया और पुलिस पर भी पथराव कर दिया है। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। एनएच-44 पर जाम के कारण हाईवे पर ही हजारों गाड़ियां फंसी हुई हैं।
24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी को सजा होने के बाद दतिया सीट खाली हुई थी। दतिया सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव का ऐलान हुआ और पूरे सियासी गलियारों में यही चर्चा थी कि भाजपा दतिया से एक बार फिर से नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस बात से नाराज समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और हजारों समर्थकों की भीड़ नेशनल हाईवे-44 पर पहुंच गई। समर्थकों की भीड़ ने हाईवे को जाम करते हुए नरोत्तम मिश्रा को टिकट देने की मांग की। समर्थकों ने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए अगले 24 घंटों में टिकट देने की मांग की है।
जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर पत्थरबाजी
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा एनएच-44 जाम करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तभी पथराव शुरू हो गया। इस मामले की जानकारी देते हुए दतिया के डीएम स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि हाईवे पर 12 घंटों से जाम लगा हुआ था, जिसकी वजह से कई बसें और एंबुलेंस हाईवे पर फंसे हुए थे। वानखेड़े ने बताया कि जब पुलिस की टीम जाम खुलवाने के लिए पहुंची तो उनपर पथराव शुरू हो गया। पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। डीएम ने बताया कि यहां प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया था और भीड़ पर किसी तरह के बल का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है।
जिला अध्यक्ष ने दे दिया इस्तीफा
नरोत्तम मिश्रा को टिकट ना दिए जाने से नाराज समर्थकों में दतिया के जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा का नाम भी शामिल है। रघुवीर कुशवाहा ने एक कदम आगे जाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम एक पत्र लिखा और अपना इस्तीफा सौंप दिया। कुशवाहा ने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। कुशवाहा ने बीजेपी को अल्टीमेटम दिया है कि अगले 24 घंटों में यदि नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया गया, तो दतिया जिले के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत बड़ौनी पंचायत के अध्यक्ष और दतिया विधानसभा के 6 मंडलों के अध्यक्षों के साथ विधानसभा के 291 बूथों के सभी पदाधिकारी अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे।
कौन हैं नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा दतिया विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी ने हरा दिया था। इससे पहले वो दतिया विधानसभा सीट से विधायक थे और राज्य सरकार में गृह मंत्री भी थे। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में नरोत्तम मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े चेहरे थे, लेकिन चुनावों के बाद मोहन यादव मुख्यमंत्री बने और नरोत्तम मिश्रा को अब दतिया से टिकट भी नहीं दिया गया है। फिलहाल कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा अपना फैसला पलटकर आशुतोष तिवारी की जगह नरोत्तम मिश्रा को टिकट देती है या नहीं।
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