मेरी 500 रुपए की चप्पल चोरी हो गई; MP के प्रसिद्ध मंदिर में हुई घटना, नायब तहसीलदार ने पुलिस को लिखा पत्र
पुलिस को भेजे अपने इस पत्र में नायब तहसीलदार ने आरोपी चप्पल चोर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया है।

मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बगलामुखी माता मंदिर से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां दर्शन करने पहुंचे एक नायब तहसीलदार की चप्पल चोरी हो गई, जिसके बाद उन्होंने खुद तहकीकात करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से ना केवल अपनी चप्पल चुराने वाले आरोपी चोर को खुद ढूंढ निकाला, बल्कि अब पुलिस को पत्र भेजकर चोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिय पर वायरल हुआ पत्र
अधिकारियों ने इस बारे में मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि चप्पल चोरी की घटना सोमवार (दो मार्च) को हुई, जब नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। चंद्रवंशी ने घटना के बारे में पुलिस अधीक्षक को बाकायदा आधिकारिक पत्र भेजा है, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई है और लोग इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।
10 मिनट में चप्पल हो गई गायब
नायब तहसीलदार ने पत्र में कहा, 'मैं दो मार्च को दोपहर 3:15 बजे बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। मैंने अपनी चप्पल रसीद काउंटर के पास उतारी थी। दर्शन करने के बाद अपराह्न 3:25 बजे जब मैं वापस रसीद काउंटर पर पहुंचा तो मेरी चप्पल, जिसकी कीमत लगभग 500 रुपए थी, वह अपने निर्धारित स्थान पर नहीं मिली।'
अधिकारी ने खुद ढूंढ निकाला चोर
नायब तहसीलदार ने पत्र में आगे बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मंदिर के कर्मचारियों की मदद से उन्होंने एक चप्पल चोर की पहचान कर ली, और पूछताछ में उसने चप्पल चुराने की बात भी मान ली। अधिकारी ने पत्र में यह भी कहा,'बगलामुखी मंदिर में आए दिन चप्पल-जूते और महंगे सामान चोरी हो रहे हैं, जिससे लोगों की आस्था आहत हो रही है।'
चोर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग
चंद्रवंशी ने कहा कि अपनी चप्पल ढूंढने के कारण उन्हें एक घंटा परेशान होना पड़ा और एक पटवारी व एक अन्य व्यक्ति के ढूंढने पर भी उन्हें अपनी चोरी हुई चप्पल नहीं मिली। पुलिस को भेजे अपने इस पत्र में नायब तहसीलदार ने आगे आरोपी चप्पल चोर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई करने की मांग की।
उधर मामले की जानकारी देते हुए नलखेड़ा थाना प्रभारी नागेश यादव ने कहा,'नायब तहसीलदार चंद्रवंशी के पत्र पर जांच के बाद विधिसम्मत कदम उठाए जाएंगे।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।



