
मध्यप्रदेश में 6 बच्चों को चढ़ाया HIV संक्रमित खून, सरकार ने जांच कमिटी गठित की
मध्य प्रदेश के सतना और जबलपुर में दूषित रक्त चढ़ने से थैलेसीमिया पीड़ित छह बच्चों को HIV संक्रमण हो गया है। सरकार ने छह सदस्यीय जांच समिति गठित कर सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मध्य प्रदेश में एक गंभीर मामला सामने आया है। थैलेसीमिया से पीड़ित छह बच्चों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान HIV संक्रमण हो गया। इन बच्चों की उम्र 12 से 15 साल है। संक्रमण का शक दूषित खून चढ़ाने पर है, जो सतना, जबलपुर और अन्य सरकारी अस्पतालों में हुआ।
मामले कैसे सामने आए?
ये मामले इस साल जनवरी से मई के बीच पता चले। रूटीन जांच में बच्चों का HIV टेस्ट पॉजिटिव आया। थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है। सतना जिला कलेक्टर सतीश कुमार एस ने बताया कि सभी छह बच्चे फिलहाल इलाज पर हैं। एक बच्चे के माता-पिता भी HIV पॉजिटिव पाए गए हैं।
सरकार ने लिया एक्शन
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मामले की जांच के आदेश दिए। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या ट्रांसफ्यूजन सिर्फ सरकारी अस्पतालों में हुआ या कहीं और भी। सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर तरुण राठी ने मंगलवार को छह सदस्यीय जांच कमिटी गठित की। कमिटी को सात दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
जांच कमिटी के सदस्य
इस जांच कमिटी के अध्यक्ष डॉ. सत्य अवधिया (रीवा डिवीजन के क्षेत्रीय निदेशक) हैं। वहीं इसके सदस्य रूबी खान (स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की डिप्टी डायरेक्टर), रोमेश जैन (AIIMS भोपाल के ब्लड ट्रांसफ्यूजन स्पेशलिस्ट), सीमा नवेद (भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल), संजीव जादौन और प्रियंका चौबे (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के इंस्पेक्टर) हैं। यह कमिटी ब्लड बैंक की प्रक्रियाओं, डोनर स्क्रीनिंग और ट्रांसफ्यूजन की पूरी व्यवस्था की जांच करेगी।





