एमपी राज्यसभा चुनाव: नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद अब क्या करेगी कांग्रेस?
एमपी में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उसकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। इस बीच कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस मामले को हर उचित फोरम में चुनौती देगी।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों पर हो रहे राज्य चुनाव में दिलचस्प मोड़ आ गया है। राज्य सभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। नटराजन पर जानबूझकर तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में जिक्र नहीं करने का आरोप है। पहले से 3 सीटों में से 2 पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी। तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी था लेकिन अब उसकी उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने से भाजपा को खुली चुनावी पिच मिल गई है। नजरें अब कांग्रेस और निर्वाचन आयोग पर टिक गई हैं।
चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस
एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि कांग्रेस पूरी ताकत से इसका मुकाबला करेगी। हमारे कानूनी विशेषज्ञों ने जो बातें रखीं उनको अधिकारी यूं ही खारिज नहीं कर सकते। घटना बताती है कि कैसे एक चुनाव अधिकारी ने बीजेपी के एजेंडे को अंजाम दिया? इस बीच कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिलने पहुंचा। देर रात कांग्रेस के बड़े नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल नॉमिनेशन रद्द होने के खिलाफ याचिका सौंपने के लिए चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
आयोग के दफ्तर के बाहर बैठे नेता, हंगामा
इसके बाद खूब हंगामा हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि नेताओं ने आयोग से इजाजत नहीं ली थी। इसके बाद केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और रमेश ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दिया। इस दौरान चुनाव आयोग और केद्र सरकार के खिलाफ जमकर बयानबाजी हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार और आयोग पर जमकर हमले किए।
कल कांग्रेस प्रतिनिधियों से मिलेगा चुनाव आयोग
हालांकि चुनाव आयोग की ओर से बयान जारी कर के बताया गया कि वह बुधवार को पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। वहीं यूनीवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर सकता है। आयोग के सूत्रों ने बताया कि आयोग कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से कल दोपहर 12 बजे मुलाकात कर सकता है।
हर स्तर पर लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेता जयराम रमेश और सचिन पायलट के साथ कांग्रेस के अन्य नेता नॉमिनेशन रद्द होने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया- मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार, बहन मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द करना पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह घटना दिखाती है कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर रही है। कांग्रेस हर स्तर पर अन्याय के खिलाफ लड़ेगी।
हर फोरम में देंगे फैसले को चुनौती
वहीं कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि पहले जो बात ‘वोट की चोरी’ तक सीमित थी वह ‘सीट चोरी’ की बन गई है। यह खेल तो तभी शुरू हो गया था जब सदस्यों की संख्या पर्याप्त नहीं होने के बाद भी BJP ने तीसरा कंडिडेट उतारा। जब लगा कि विधायक एकजुट हैं तो उन्होंने कानूनी नोटिस की आड़ में चुनाव याचिका को चुनौती दी। हमारे दोनों वकीलों ने दलीलें दी लेकिन उन्हें सुना नहीं गया और फैसला आ गया। यह महज उम्मीदवारी की बात नहीं है। देश में हालात गंभीर हैं। हम इसको चुनौती देंगे। हम इस मामले को सुनने के लिए जो भी फोरम होंगे वहां चुनौती देंगे।
कानूनी लड़ाई का ऐलान
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पेपर्स में गलती या जानकारी नहीं देने के आरोपों को बकवास और कांग्रेस से एक सीट छीनने की हताशा भरी कोशिश करार दिया। यह फैसला तब लिया गया जब बीजेपी को एहसास हुआ कि कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने की उसकी गंदी चालें नाकाम हो रही हैं। कांग्रेस इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस इस मामले को कानूनी रूप से लड़ने के साथ ही जमीन पर उतर कर भी लड़ेगी।
कोर्ट जाएंगे
कांग्रेस के सचिन पायलट ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि बिना वजह बताए नॉमिनेशन रद्द कर दिया जाए। मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई FIR या चार्जशीट नहीं है। हम आवेदन फाइल करना चाहते हैं लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। चुनाव आयोग हमसे मिल नहीं रहा है तो हम शिकायत किससे करें? हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं है।यह एक साजिश है। चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए। अब हम कोर्ट जाएंगे…
कानूनी सलाह के बाद उठाएंगे कदम
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता खत्म हो गई है। रिटर्निंग ऑफिसर यानी आरओ ने हमें शाम 5:30 बजे का समय दिया जबकि आयोग का दफ्तर बंद है। यदि हम रिटर्निंग अधिकारी के फैसले से खुश नहीं हैं तो चुनाव आयोग में अपील होती है। लेकिन हम आयोग में अपील कैसे करें जब वह शाम 5:30 बजे ही बंद हो जाता है। हम मिलना चाहते थे लेकिन कोई मौजूद नहीं था। फिर अर्जी जमा करने के लिए हमें धरना देना पड़ा। हम कानूनी सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
(पीटीआई, एएनआई और हिन्दुस्तान टाइम्स के इनपुट पर आधारित)
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


