
‘पुलिस को इतना भी मत बेचो’; MP के नीमच में हेड कॉन्स्टेबल ने दी जान, सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा
मध्य प्रदेश के नीमच में पुलिस लाइन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल द्वारा कथित तौर पर सुसाइड करने का मामला सामने आया है। मौत से पहले उन्होंने 4 पेज का सुसाइड नोट लिख छोड़ा है, जिसमें उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार के अलावा पुलिस लाइन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मध्य प्रदेश के नीमच में पुलिस लाइन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल द्वारा कथित तौर पर सुसाइड करने का मामला सामने आया है। मौत से पहले उन्होंने 3 पेज का सुसाइड नोट डीजीपी, डीआईजी और एसपी के नाम लिख छोड़ा है, जिसमें उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार के अलावा पुलिस लाइन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि सब पैसों में बिक रहे हैं, पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी नहीं कर पाए। उन्होंने आत्महत्या करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है और सामने आए पत्र की भी जांच कर रही है। हालांकि, सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के अंदर के भ्रष्टाचार की कहानी बाहर आ गई है। जो शहर में चर्चा का विषय बन गई है।
नीमच शहर के पुलिस लाइन में तैनात 50 वर्ष हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह निवासी पुलिस लाइन कनावटी ने जहरीला पदार्थ निगल लिया और पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच गए। उनकी हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके पास से 4 पेज का सुसाइड पत्र मिला है, जिसमे उन्होंने अपने ही विभाग के आरआई सहित पुलिस लाइन में तैनात एचसीएस प्रणव तिवारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पांच दिन से छुट्टी पर थे होशियार सिंह
बताया जा रहा है कि होशियार सिंह पिछले पांच दिन से छुट्टी पर थे ओर सोमवार से उन्हें ड्यूटी पर आना था, लेकिन इससे पहले ही रविवार दोपहर को वे जहरीला पदार्थ खाकर कंट्रोल रूम पहुंच गए और वहां जहर खाने के बारे में बताया। इसके बाद वह पर गिर पड़े। उन्हें इस हालत में देखकर कंट्रोल रूम में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी मौके पर पहुंचे और होशियार सिंह को तुरंत जिला अस्पताल ले गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें निजी अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पत्र में लिखा है कि?
पत्र में लिखा है, ''श्रीमान डीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसपी महोदय निवेदन है कि मैं प्रार्थी होशियार सिंह आपके अधीनस्थ पुलिस लाइन नीमच पर तैनात हूं। डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी नहीं कर पाए। नीमच जिले में सब कुछ बिक रहा है, कोई सुनने को तैयार नहीं है और थाने में पीसीआर 1 और पीसीआर 2 लाइन का रोजनामचा, जिम, खेल सब पैसों में बिक रहे हैं। महोदय, अंतिम समय में कुछ भी नहीं साथ जा रहा है।''
उन्होंने आगे लिखा, ‘’नीमच आरआई को देखो, सब कुछ है, लेकिन क्या करेगा पैसों का और प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसा लेकर ड्यूटी लगाता है और कहता है कि जो लाइन में पैसे देगा उनके प्रति सहानुभति होगी। मौखिक रूप से कहने पर बोलता है कि मैं और आरआई एसपी साहब के ससुर की टिकट 10 हजार की बनवाते हैं। एसपी सर खेलने आते हैं। उनका खर्चा रोजाना प्रणव और अशोक उठाते हैं।''
उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है ''प्रणव सर ने स्वयं किसी दूसरी औरत को रखकर एक बच्चा पैदा कर रखा है। शिकायत होने के बाद भी लाइन से नहीं हटाए गए। महोदय, अगर ऐसा ही है तो होशियार सिंह को आत्महत्या की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें।''
इस मामले में थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने बताया कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह ने जहर क्यों खाया? पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव





