MP: नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी भर्ती में मेल कंडिडेट भी होंगे शामिल, HC को दी गई जानकारी

Jan 07, 2026 05:29 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, जबलपुर
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मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूटर के कुल 286 पदों पर भर्ती में पुरुष उम्मीदवारों को भी शामिल करने का फैसला लिया गया है। इस बारे में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को जानकारी दे गई है।

MP: नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी भर्ती में मेल कंडिडेट भी होंगे शामिल, HC को दी गई जानकारी

मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूटर के कुल 286 पदों पर अब महिला उम्मीदवारों को 100 फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बुधवार को पुरुष उम्मीदवारों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल धंगत की अदालत को एमपी कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की ओर से बताया गया कि भर्ती में पुरुष उम्मीदवारों को भी शामिल करने का फैसला लिया गया है। कर्मचारी चयन मंडल ने भर्ती के लिए संशोधित विज्ञापन जारी कर दिया है।

भर्ती विज्ञापन में किया सुधार

अदालत में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के वकील राहुल दिवाकर ने बताया कि मंगलवार 6 जनवरी को ही भर्ती विज्ञापन में सुधार कर दिया गया है। अब महिलाओं के साथ पुरुष उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर पाएंगे। अदालत को सूचित किया गया कि जो पुरुष उम्मीदवार इस भर्ती के लिए फॉर्म भरना चाहते हैं वे 13 जनवरी तक आवेदन जमा कर सकते हैं।

कितने और किन पदों पर मांगे थे आवेदन?

बता दें कि मध्य प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 286 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 16 दिसंबर को विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन में एसोसिएट प्रोफेसर के 40, असिस्टेंट प्रोफेसर के 28 और सिस्टर ट्यूटर के 218 पद शामिल थे। खास बात यह थी कि ये सभी पद पूरी तरह महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। पुरुष उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया था।

क्यों हाईकोर्ट पहुंचा केस?

उक्त भर्ती में पुरुषों को अपात्र करार देने को अदालत में चुनौती दी गई थी। एडवोकेट विशाल बघेल ने जबलपुर निवासी नौशाद अली और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से एक याचिका में दलील दी थी कि भर्ती प्रक्रिया में 50 फीसदी आरक्षण सीमा का उल्लंघन किया गया है।

क्या दी दलील?

भर्ती में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 (2) और भर्ती के नियमों की अनदेखी की जा रही है। दलील में यह भी कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 16(2) के तहत यह लिंग भेदभाव है। इस मामले में हाई कोर्ट ने 29 दिसंबर को सरकार से जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किया था। इसके बाद अब सरकार का जवाब सामने आ गया है। सरकार ने मौखिक रूप से कह दिया है कि इस भर्ती में पुरुष कंडिडेट भी शामिल होंगे। इससे इस भर्ती में पुरुष कंडिडेट के शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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