एमपी में 15 लाख पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव, NGT ने वन महानिदेशक से मांगा जवाब
एनजीटी ने मध्य प्रदेश में इस साल लगभग 15 लाख पेड़ों की कटाई के कथित प्रस्तावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए वन महानिदेशक और कई बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने एक अखबार की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जवाब तलब किया है।

एनजीटी ने मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं के नाम पर 15 लाख पेड़ काटने के प्रस्ताव पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने एक रिपोर्ट के आधार पर वन महानिदेशक और पर्यावरण मंत्रालय सहित कई बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सड़कों और कोयला ब्लॉक के लिए 50 से 100 साल पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है। एनजीटी ने इसे पर्यावरण के लिए गंभीर मुद्दा माना है।
मिली जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी को एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की बेंच ने एक सरकारी आदेश जारी किया है जिसमें अखबार की उस रिपोर्ट का जिक्र किया गया है जिसमें भारी संख्या में पेड़ काटने की जानकारी दी गई थी।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में सड़क निर्माण, कोयला खदानों और अन्य विकास कार्यों के लिए 50 से 100 साल पुराने 15 लाख से ज्यादा पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई है।
अधिकरण ने कहा कि यह खबर पर्यावरण नियमों के पालन से जुड़े बेहद जरूरी सवाल खड़े करती है। मामले में कोर्ट ने वन महानिदेशक, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के भोपाल दफ्तर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव सहित कई अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया है। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाए ताकि वे 9 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले अपना जवाब कोर्ट में पेश करें।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


