MP के मंत्री लखन पटेल का वापस लिया गया प्रभार, क्या हैं इसके मायने; समझें
मध्य प्रदेश के मंत्री लखन पटेल का प्रभार वापस ले लिया गया है। पशुपालन और डेयरी विकास विभाग अब मोहन यादव ने अपने पास रख लिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व समीक्षा करेगा, और बदलाव की जरूरत होगी तो किया जाएगा।

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में अचानक बदलाव किया गया है। देर रात राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन और डेयरी विकास विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात लखन पटेल का प्रभार वापस लिया गया और उसके तुरंत बाद गज नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। अब पशुपालन और डेयरी विकास विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया है। अब संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव हो सकता है।
क्या बोले लखन पटेल
इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद लखन पटेल का बयान सामने आया है। पटेल ने कहा कि किसी मंत्री को विभाग सौंपना या उससे विभाग वापस लेना मुख्यमंत्री का अधिकार है। इस तरह अब मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
इस मामले के ठीक पहले मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंटरव्यू में कहा था कि सरकार और पार्टी ने हर मंत्री के राजनीतिक प्रभाव, उसके कामकाज के क्षेत्र और विभागीय प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद उसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। हालांकि, इस मामले को भाजपा प्रशासनिक फैसला बता सकती है, लेकिन विभाग वापस लेने के समय से साफ हो गया है कि यह मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद लिए गए फैसले का नतीजा है।
मंत्रिमंडल में कब होगा बदलाव
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से जब पूछा गया कि क्या एमपी कैबिनेट में बदलाव की संभावना है। इसका जवाब देते हुए खंडेलवाल ने किसी तरह के बदलाव से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब बदलाव जरूरी होंगे, सही समय पर किया जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व जब फैसला करेगा, तभी मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे।
इस मामले पर बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मंत्रियों की समीक्षा पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दिल्ली भी पहुंच चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि पटेल से विभाग वापस लेने वाले फैसले को कैबिनेट में बड़े फेरबदल के पहले बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मामले पर जब खंडेलवाल से पूछा गया कि क्या कोई मंत्री उम्मदी के मुताबिक काम नहीं कर रहा है, तो उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि पार्टी संगठन के पास मंत्रियों के कामकाज की पूरी जानकारी है उन्होंने कहा कि पार्टी को मंत्रियों के कामकाज और उनके व्यवहार के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी मिलती रहती है।
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