Hindi Newsमध्य प्रदेश न्यूज़MP high court stops temporary live streaming of hearings from 15 September know reason behind this decision
15 सितंबर से नहीं देख पाएंगे MP हाई कोर्ट की लाइव सुनवाई, अदालत ने क्यों लगाई रोक?

15 सितंबर से नहीं देख पाएंगे MP हाई कोर्ट की लाइव सुनवाई, अदालत ने क्यों लगाई रोक?

संक्षेप:

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में कहा कि रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि अगली सुनवाई की तारीख तक आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रही सभी पीठों की लाइव स्ट्रीमिंग तुरंत रोक दी जाए।

Sep 14, 2025 01:28 pm ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, जबलपुर
share Share
Follow Us on

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोमवार से आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। यह फैसला एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के बाद लिया गया, जिसमें दावा किया गया था कि सुनवाई को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर इसका दुरुपयोग हो रहा है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में कहा, "रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि अगली सुनवाई की तारीख तक आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रही सभी पीठों की लाइव स्ट्रीमिंग तुरंत रोक दी जाए।"

अदालत ने कहा, "हालांकि, रजिस्ट्री यह सुनिश्चित करेगी कि वेबसाइट पर अनियंत्रित 'वेबेक्स लिंक' (Webex Link) उपलब्ध कराया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति, जो कार्यवाही देखना चाहता है, वह वेबेक्स लिंक के माध्यम से ऐसा कर सके। रजिस्ट्री यह भी सुनिश्चित करेगी कि कार्यवाही देखने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को वेबेक्स लिंक के माध्यम से रिकॉर्डिंग की सुविधा न दी जाए।" अदालत ने कहा कि यह आदेश 15 सितंबर से लागू होगा।

जनहित याचिका दायर करने वाले वकील अरिहंत तिवारी ने फोन पर पीटीआई को बताया कि हाई कोर्ट ने इस मामले को 25 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। उन्होंने हाई कोर्ट को बताया कि अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का कई निजी संस्थाओं द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, जो इसकी रील, क्लिप और मीम बना रहे हैं।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इन कार्यवाही को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। तिवारी ने कहा, "मैंने अदालत को यह भी बताया कि कुछ अनुमानों के अनुसार, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ऑनलाइन अदालती कार्यवाही को देश में सबसे ज़्यादा देखा जाता है। इसलिए, इसके गलत इस्तेमाल को रोका जाना चाहिए।"

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ , CBSE Board Result, MP Board 10th result, MP Board 12th result अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर|