उज्जैन में 9 साल की बच्ची से रेप की कोशिश; चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा, मौत
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश और हैवानियत किए जाने की घटना सामने आई है। बच्ची को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में 9 साल की मासूम के साथ दरिंदगी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोपी एक पड़ोसी युवक है जिसने बच्ची क साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसे बोरी में भरा और मोगरी से इतना पीटा की वह बेहोश हो गई। बच्ची के परिजन जब उसे तलाशने लगे तो आरोपी उसे लेकर पहुंचा और बोला कि वह छत से गिर गई है। बच्ची को गंभीर हालत में रतलाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्ची अपनी दो बहनों के साथ नानी के घर आई थी। नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह काफी देर तक घर नहीं आई तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह कहीं नहीं दिखी। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।
इसी दौरान पड़ोस का रियाज खान अपने घर से बेहोश बच्ची को उठाकर लाया। उसने कहा कि बच्ची छत से गिर गई है। परिवार ने देखा कि बच्ची का मुंह सूजा था। बच्ची के सिर, नाक और आंख पर चोट लगी थी। घावों से खून निकल रहा था। परिजन उसे लेकर खाचरोद अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे रतलाम रेफर कर दिया। इसके बाद उसे रतलाम ले जाया गया जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बच्ची को पड़ोसी घर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इस दौरान बच्ची चीखने चिल्लाने और हाथ-पैर पटकने लगी। गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची को धक्का दे दिया। आरोपी ने चिल्लाने पर बच्ची को बोरी में बंद कर दिया। फिर मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी बच्ची को मरा समझकर घर से बाहर निकल गया।
बाद में वह लौटा तो देखा कि बच्ची की सांस चल रही है। फिर वह बच्ची को उसकी नानी के पास ले गया और छत से गिरने की झूठी कहानी सुनाई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने कहा की डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि बच्ची को चोट छत से गिरने से नहीं वरन किसी भारी वस्तु से पीटने से हुई है। पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को भेजकर रियाज के घर से सबूत इकट्ठा किए।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी रियाज को संदिग्ध मानकर उसके साथ पूछताछ शुरू की। सख्ती पर वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी रियाज ने बताया कि घर में कोई नहीं था। बच्ची को अकेला पाकर गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। बाद में उसने बच्ची को बोरी में भरकर मोगरी से पीटा।
रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।




