100 से 335 एकड़ कैसे हो गई जमीन? जीतू पटवारी का मोहन यादव से सवाल, मांगा इस्तीफा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन में कथित जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे महाकाल की जमीन की लूट बताया है। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए सीएम मोहन यादव से इस्तीफा मांगा है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे की मांग की है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे महाकाल की जमीन की लूट बताते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को यह बताना चाहिए कि सत्ता में आने के बाद उनके परिवार की जमीन की मिल्कियत कथित तौर पर 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ कैसे हो गई?
जीतू पटवारी ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एक न्यूज रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सामने आई मीडिया रिपोर्ट चिंताजनक है। मुख्यमंत्री महज एक व्यक्ति नहीं होता वह पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लग रहे हैं तो इससे स्वाभाविक रूप से पद की गरिमा को चोट पहुंचती है।
भाजपा राम मंदिर के दान की चोरी और महाकाल की जमीन की लूट में शामिल
जीतू पटवारी ने रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि साफ है कि भाजपा राम मंदिर के दान की चोरी और महाकाल की जमीन की लूट में शामिल है। रिपोर्ट बताती है कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार के सदस्यों ने काफी जमीनें खरीदीं। मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने दिसंबर 2023 से 2 साल के भीतर उज्जैन में 45 करोड़ में 168 एकड़ में फैले कम से कम 137 प्लॉट खरीदे।
मोहन यादव परिवार के पास 335 एकड़ जमीन
जीतू पटवारी ने रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट के तहत कुल 335 एकड़ जमीन है। ये जमीनें इन नामों पर हैं। सीएम को बताना चाहिए कि जिस शख्स के पास कथित तौर पर लगभग 100 एकड़ जमीन थी, उसके मंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनने के बाद वह बढ़कर 335 एकड़ कैसे हो गई?
1- नीलेश यादव: 108 एकड़
2-गोविंद यादव: 47 एकड़
3- मोहन यादव: 17 एकड़
4- सीमा यादव: 11 एकड़
5- वैभव यादव: 17 एकड़
6- शालिनी यादव: 10 एकड़
7- नारायण यादव: 19 एकड़
8- नंदलाल यादव: 17 एकड़
9- कलावती: 17 एकड़
10- अभय यादव: 16 एकड़
11- रेखा यादव: 6 एकड़
वहीं कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, जीतू पटवारी ने कहा कि इस मामले में 4 रियल एस्टेट कंपनियों का भी जिक्र है। इनमें अधिकांश हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की है। एमपी कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि इनमें से 25 एकड़ जमीन तो मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और बेटे वैभव से जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोहन यादव के परिवार के करीबी रिश्तेदारों की 3 अलग-अलग कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी भी है।
महज डेढ़ साल में इतनी भारी बढ़ोतरी कैसे?
जीतू पटवारी ने यह भी दावा किया कि अधिकांश प्लॉट उन इलाकों में थे जहां सड़क परियोजनाओं और लैंड यूज में बदलाव से मुनाफा हुआ। पटवारी ने कहा कि मोहन यादव को बताना चाहिए कि इतने कम समय में उनके परिवार की जमीन की मिल्कियत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हो गई? हम विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे। मोहन यादव इस मुद्दे पर नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। मामले की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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