
MP में नहीं रुक रहा मौत का सिलसिला, कफ सिरप ने ली एक और बच्ची की जान, आंकड़ा 23 पर
संक्षेप: मध्य प्रदेश में जानलेवा कफ सिरप से होने वाली मौत का आंकड़ा रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। छिंदवाड़ा की एक और बच्ची ने आज इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची को कफ सिरप पीने के बाद किडनी की बीमारी हो गई थी और वह वेंटिलेटर पर थी।
मध्य प्रदेश में जानलेवा कफ सिरप से होने वाली मौतों का आंकड़ा रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। छिंदवाड़ा की एक और बच्ची ने आज इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची को कफ सिरप पीने के बाद किडनी की बीमारी हो गई थी और वह वेंटिलेटर पर थी। बच्ची का नागपुर में इलाज चल रहा था।

बच्ची को 1 महीने पहले ही नागपुर रेफर किया गया था। सर्दी खांसी के चलते उसे जो कफ सिरप दी गई,उसके बाद उसने बच्ची की किडनी डैमज कर दी। छिंदवाड़ा से उसे इस हालत में नागपुर रेफर किया गया था। नागपुर में बच्ची पहले डायलिसिस पर थी फिर हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया जहां अब उसने दम तोड़ दिया है।
छिंदवाड़ा में अकेले 23 लोगों की कोल्डरिफ कफ सिरप पीने से अब तक मौतें हो चुकी हैं। बता दें कि तमिलनाडु स्थित स्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इस कंपनी ने कथित तौर पर अब प्रतिबंधित की जा चुकी, मिलावटी कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' (Coldrif) का उत्पादन किया था।
राज्य सरकार ने सोमवार को बताया कि कंपनी को बंद करने का आदेश भी दे दिया गया है। राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान पता चला था कि इस कफ सिरप में 48.6 प्रतिशत डायथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) मिला हुआ था, जो एक जहरीला पदार्थ है। यह दवा मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़ी हुई है।





