MP में आज UCC बिल को मिलेगी मंजूरी,भोपाल के जगदीशपुर में होगी कैबिनेट की स्पेशल मीटिंग
मध्य प्रदेश के लिए आज का दिन बेहद खास रहने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई वाली कैबिनेट आज भोपाल के जगदीशपुर में होने जा रही बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के ड्राफ्ट को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद इसे विधानसभा में बिल के रूप में पेश किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार आज भोपाल के बाहरी इलाके में स्थित जगदीशपुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक स्पेशल मीटिंग करने जा रही है। इस बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। जगदीशपुर को पहले इस्लाम नगर के नाम से जाना जाता था।
राज्य में रविवार का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक नजरिए से बहुत अहम होगा, क्योंकि कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी देगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यूपीसी बिल का प्रस्तावित ड्राफ्ट 20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा।
विस के इसी सत्र में यूसीसी बिल लाएगा सरकार
इस स्पेशल कैबिनेट मीटिंग के लिए जगदीशपुर में शनिवार को ही सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि जगदीशपुर में होने वाली कैबिनेट की स्पेशल मीटिंग में इस बिल को मंजूरी दी जाएगी और फिर इसे राज्य विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा।
जगदीशपुर को स्पेशल कैबिनेट मीटिंग के लिए क्यों चुना?
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले मॉनसून सत्र में 'एक देश, एक कानून' के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए, इस प्रस्तावित कानून ‘यूसीसी बिल’ को विधानसभा में पारित कराने के लिए ले जाने से पहले हम इसे जगदीशपुर में होने वाली स्पेशल कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी देंगे, जो कभी भोपाल रियासत की पुरानी राजधानी हुआ करती थी। हमलावरों ने इसका नाम बदलकर इस्लामपुर कर दिया था, लेकिन अब इसे फिर से जगदीशपुर कर दिया गया है। हम इसी जगह पर इस यूसीसी बिल को मंजूरी देंगे।
गौरतलब है कि पहले इस्लाम नगर के नाम से पहचाने जाने वाले जगदीशपुर का नाम आधिकारिक तौर पर 1 फरवरी, 2023 को बदला गया था। कैबिनेट की स्पेशल मीटिंग के लिए इसी जगह को चुना गया है।
…तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा : मोहन यादव
सीएम यादव ने बुधवार को इंदौर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी सरकार विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में यूसीसी का बिल लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और ‘अगर रामचंद्र नामक कोई व्यक्ति एक शादी करता है, तो रहीम नाम के किसी शख्स से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।’
कमेटी ने 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव लिए
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी ने प्रदेशभर में यूसीसी पर सभी धर्मों, सभी वर्गों और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों से संवाद किया तथा 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव एकत्र किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल विवाह और उत्तराधिकार जैसे मामलों में हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए कानून-कायदे अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारा देश एक है, तो अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए? अगर रामचंद्र नामक कोई व्यक्ति एक शादी करता है, तो रहीम नाम के किसी शख्स से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।
यूसीसी पर कांग्रेस का हमेशा दोहरा रवैया रहा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि प्रमुख विपक्षी दल हमेशा ऐसे विषयों को 'हिंदू-मुसलमान' के नजरिये से देखता है। यूसीसी पर भी कांग्रेस ने हमेशा की तरह दोहरा रवैया अख्तियार किया। कांग्रेस अपने वोट बैंक की चिंता के चलते इस कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हुई और उसने यूसीसी पर अपना मत जाहिर नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यूसीसी हो या धार की भोजशाला, दोनों विषयों से कांग्रेस मुंह चुराती है।


