एमपी कैबिनेट के फैसले; टेक होम राशन में बदलाव को मंजूरी, शहरों का होगा कायाकल्प
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सीएम ने इस बैठक में 21 जुलाई से शुरू विधानसभा सत्र के लिए मंत्रियों को तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। एक फैसले के तहत आंगनबाड़ी में 6 माह से 3 साल के बच्चों का टेक होम राशन अब महिला एवं बाल विकास विभाग के जरिए स्व-सहायता समूह वितरित करेंगे। बैठक में शहरों के कायाकल्प के लिए 8445 करोड़ रुपए की रकम को मंजूरी प्रदान की गई है।
विधानसभा सत्र को लेकर मंत्रियों को निर्देश
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों को आगामी 21 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र की तैयारियां पूरी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री सदन में पूछे जाने वाले सवालों के तथ्यात्मक और सटीक जवाब देने के लिए तैयार रहें।
'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' की शुरुआत
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' की शुरुआत की। सीएम ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा की भी शुरुआत की।
टेक होम राशन की व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी
कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों को दिए जाने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने का निर्णय लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चयनित स्व-सहायता समूह निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार, राशन तैयार कर के आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगे।
कुण्डलिया सिंचाई परियोजना के लिए 245 करोड़
कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की अवधि को साल 2031 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखने और वित्त विभाग की योजनाओं को जारी रखने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राजगढ़ की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना के 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपए की मंजूरी दी।
टैक्स पर भी फैसला
कैबिनेट की बैठक में जीएसटी परिषद की सिफारिश के अनुरूप जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई। यही नहीं इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने का निर्णय भी लिया गया। कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की स्थापना योजनाओं के लिए 521.04 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी प्रदान की।
शहरों का होगा कायाकल्प, मूंग खरीद के लिए भी पैसा
कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए एमएसपी पर मूंग की खरीद के लिए 1587 करोड़ रुपये के फंड को भी मंजूरी प्रदान की। कैबिनेट ने शहरों के कायाकल्प के लिए शहरी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 8445 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी प्रदान की है।


