MP ATS का बड़ा एक्शन, मदरसा संचालक गिरफ्तार; 'कट्टरपंथी मॉड्यूल' का सबसे पुराना मोहरा!
कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़े कई लोगो को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। ताजा गिरफ्तारी बिहार के मधुबनी से हुई है जो मदरसा चलाता है। वह इस मॉड्यूल का सबसे पुराना सदस्य बताया जा रहा है।

मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को एक संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल के सिलसिले में बिहार में मदरसा चलाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ताजा गिरफ्तारी बिहार के मधुबनी जिले से की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, कथित मॉड्यूल के अब तक के सबसे पुराने सदस्य 56 साल के इजहार उल हक को बिहार एटीएस और स्थानीय पुलिस की मदद से मधुबनी से गिरफ्तार किया गया। वह वहां एक मदरसा चलाता है।
अधिकारी ने बताया कि इजहार को मधुबनी की एक अदालत में पेश किया गया और उसे ट्रांजिट रिमांड पर मध्यप्रदेश लाया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी को बुधवार को मध्य प्रदेश लाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि वही इस मॉड्यूल का सरगना है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद उसकी भूमिका साफ हो पाएगी।
एमपी, यूपी और राजस्थान से भी गिरफ्तारी
इस मामले में पहली गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई जब मध्यप्रदेश एटीएस ने भोपाल निवासी 35 साल के मोहम्मद फराज को शहर के काजी कैंप इलाके से गिरफ्तार किया। इसके बाद एटीएस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता से 38 साल के नईम अब्दुल्ला कुरैशी और राजस्थान के अलवर जिले के 34 साल के मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया था।
पाकिस्तान हैंडलर करता था कंट्रोल
जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर एक क्लोज ऑनलाइन ग्रुप का हिस्सा थे, जिसे पाकिस्तान स्थित एक ‘हैंडलर’ एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए से कंट्रोल करता था। सूत्रों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भारत में लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए विदेशी आकाओं के कथित तौर पर ऑनलाइन ग्रुप का इस्तेमाल करने के बारे में बताया।
जांच अधिकारियों ने दावा किया कि भोपाल के एक प्राइवेट होम्योपैथी क्लिनिक में काम करने वाला फराज नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था और ऑनलाइन चैनलों से प्रभावित हो रहा था।सूत्रों ने बताया कि फराज और कुरैशी को 16 जून तक मध्य प्रदेश एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की हिरासत में भेज दिया गया है।
मदरसे में एक साथ की पढ़ाई
जांच अधिकारियों ने कहा कि कुरैशी ने कथित तौर पर लगभग दो साल पहले फराज को ऑनलाइन समूह से मिलवाया था। पुलिस ने बताया कि दोनों ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में एक मदरसे में एक साथ पढ़ाई की थी।


