पपीता जैसा आकार; मध्य प्रदेश के इस आम का वजन 5 किलो, कीमत सुन उड़ जाएंगे होश
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के काठीवाड़ा गांव में पाया जाने वाला 'नूरजहां' आम अपने असाधारण बड़े साइज और खास खूबियों के लिए प्रसिद्ध है, जिसका वजन पपीते से भी भारी यानी 3 से 5 किलोग्राम तक होता है।

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का 'नूरजहां' आम अपने असाधारण बड़े आकार और दुर्लभता के कारण अलग पहचान रखता है। यह साइज में पपीते से भी बड़ा हो सकता है। 'नूरजहां' आम की अनोखी किस्म को 50 साल पहले 'जहांगीर' और 'राजापुरी' आमों की ग्राफ्टिंग से तैयार किया गया था। नूरजहां आम के बाग के मालिक शिवराज सिंह जाधव बताते हैं कि 50 साल पहले उनके पिता ने दो तरह के आमों- 'जहांगीर' और गुजरात के 'राजापुरी', की कलम (ग्राफ्टिंग) करके यह किस्म विकसित की थी और इसका नाम अभिनेत्री 'नूरजहा' के नाम पर रखा था। इस आम की लोकप्रियता इतनी है कि सीजन में दूर-दूर से पर्यटक और आम के शौकीन इसे देखने काठीवाड़ा आते हैं।
अलीराजपुर में ही पाया जाता है यह आम
बाग के मालिक शिवराज सिंह जाधव ने दावा किया कि यह अनोखा आम सिर्फ अलीराजपुर जिले के कट्टीवाड़ा गांव में उनके बाग में ही पाया जाता है।
5 किलोग्राम तक हो सकता है वजन
एक 'नूरजहां' आम का वजन तीन से 5 किलोग्राम तक हो सकता है और इसकी कीमत 15 सौ से तीन हजार रुपये प्रति फल तक पहुंच जाती है।
3000 रुपये प्रति पीस होती है कीमत
विशिष्ट स्वाद और दुर्लभता के कारण इसके एक फल की कीमत 1500 से 3000 रुपये तक होती है। आम के शौकीनों को अक्सर इसके लिए पहले से बुकिंग करवानी पड़ती है। यही नहीं महीनों इंतजार करना पड़ता है। चूंकि इसका उत्पादन केवल 3 पेड़ों तक ही सीमित है इसलिए कई लोग अक्सर निराश रह जाते हैं।
कैसे तैयार हुई थी यह खास किस्म?
शिवराज सिंह जाधव के बाग में ही पाए जाने वाले इस आम के नाम के पीछे की कहानी भी दिलचस्प है। जाधव ने बताया कि 50 साल पहले उनके पिता ने जहांगीर और गुजरात के राजापुरी आम की किस्मों की ग्राफ्टिंग (कलम) करके यह किस्म विकसित की थी। इसका नाम अभिनेत्री नूरजहां के नाम पर रखा था। पूरे देश में नूरजहां किस्म के केवल 3 पेड़ हैं। ये तीनों शिवराज सिंह के बाग में ही हैं। जाधव ने इसे और बढ़ाने की कई कोशिशें की हैं लेकिन पेड़ों की संख्या बढ़ नहीं पाई है।
कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते
शिवराज सिंह जाधव ने बताया कि यह स्वाद में भी बेजोड़ है। इस आम ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों सहित कई जानी-मानी हस्तियों ने नूरजहां का स्वाद चखा है।
देशभर में सिर्फ तीन पेड़
शिवराज सिंह जाधव ने दावा किया कि देशभर में 'नूरजहा' किस्म के सिर्फ तीन पेड़ हैं और ये तीनों केवल उनके बाग में ही हैं। हालांकि, बागवानी विभाग और खुद शिवराज जाधव ने इसे और बढ़ाने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन पेड़ों की संख्या अभी तक बढ़ नहीं पाई है। इस आम की लोकप्रियता इतनी है कि जैसे ही आम का मौसम आता है, दूर-दूर से पर्यटक और आम के शौकीन इसे देखने के लिए कट्टीवाड़ा आते हैं। इतना ही नहीं आम के शौकीनों को अक्सर इसके एक फल को पाने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ती है और महीनों इंतजार करना पड़ता है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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