मोनालिसा-फरमान की शादी पर संकट! NHRC ने दिए जांच के आदेश; किस बात का सबूत मांगा

Apr 08, 2026 09:33 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली/खरगोन
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प्रयागराज के महाकुंभ से वायरल गर्ल बनीं मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी पर संकट के बादल घिर गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मोनालिसा के नाबालिग होने की शिकायत पर नोटिस जारी कर उम्र जांच करने के आदेश दिए हैं। मध्य प्रदेश में खरगोन के एसपी को मामले की जांच सौंपी गई है।

मोनालिसा-फरमान की शादी पर संकट! NHRC ने दिए जांच के आदेश; किस बात का सबूत मांगा

प्रयागराज के महाकुंभ से वायरल गर्ल बनीं मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी पर संकट के बादल घिर गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मोनालिसा के नाबालिग होने की शिकायत पर नोटिस जारी कर उम्र जांच करने के आदेश दिए हैं। मध्य प्रदेश में खरगोन के एसपी को मामले की जांच सौंपी गई है। आयोग ने मध्य प्रदेश और केरल के अधिकारियों को समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। मोनालिसा को अपनी उम्र से जुड़े दस्तावेज पेश करने होंगे।

2025 के महाकुंभ में 16 साल बताई थी उम्र

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने खरगोन एसपी को नोटिस जारी किया है और 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के संज्ञान में यह मामला 27 मार्च को आई एक शिकायत के जरिए आया। इसमें दावा किया गया कि मोनालिसा नाबालिग है। शिकायत के अनुसार, प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने अपनी उम्र करीब 16 साल बताई थी।

दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की आशंका

शिकायत में मोनालिसा की उम्र से जुड़े दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है। साथ ही विवाह में दबाव, धोखाधड़ी या पहचान छिपाने जैसे पहलुओं की भी जांच की मांग की गई है। आयोग ने प्रथमदृष्टया इसे मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मामला मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की गई है।

एफआईआर दर्ज करने की मांग

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में लड़की नाबालिग पाई जाती है, तो पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। इसके साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।

एसपी ने नोटिस मिलने की पुष्टि की

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए खरगोन एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने कहा कि किसी ने आयोग में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि नोटिस के आधार पर जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

माता-पिता ने भी उठाए थे सवाल

गौरतलब है कि मोनालिसा-फरमान की शादी के बाद मोनालिसा के पिता जयसिह भोंसले और मां लता भोंसले सहित फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के नाबालिग होने के आरोप लगाए थे। साथ ही मीडिया के समक्ष परिवार के सभी सदस्यों ने और समाज के लोगों ने फरमान के मोनालिसा के साथ धोखे से शादी करने के भी आरोप लगाए थे। हालांकि नाबालिग होने के आरोप लगने के बाद मोनालिसा ने मीडिया के सामने आकर खुद को बालिग बताया था।

शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल, दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि और विवाह में सहमति की स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश के साथ-साथ केरल प्रशासन को भी जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

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सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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