एमपी में तलाकशुदा बेटियां भी होंगी पेंशन की हकदार, मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला

Feb 11, 2026 09:30 am ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
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मध्य प्रदेश में अब विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के साथ अविवाहित बेटियां भी परिवार पेंशन की हकदार होंगी। कैबिनेट ने मंगलवार को नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब पिता की मृत्यु के बाद इन बेटियों को भी पेंशन मिल सकेगी।

एमपी में तलाकशुदा बेटियां भी होंगी पेंशन की हकदार, मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश में अब विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित बेटियां भी परिवार पेंशन के लिए योग्य होंगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंगलवार को हुई बैठक में मध्य प्रदेश परिवार पेंशन नियमों में बदलावों को मंजूरी दे दी है। अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी अपने पिता की मौत के बाद परिवार पेंशन की हकदार होंगी।

विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित बेटियों को पेंशन

एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अविवाहित बेटियों को पारिवारिक पेंशन का पात्र बनाने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम- 2026 के नियम-44 के तहत अब इन महिलाओं को भी पारिवारिक पेंशन के हकदार सदस्यों में शामिल कर लिया गया है।

बड़ी संख्या में महिलाओं को फायदा

इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को फायदा होगा जो तलाक के बाद माता-पिता पर निर्भर हैं। अब तक तलाकशुदा बेटियां पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं थीं। इस कदम से बेसहारा महिलाओं को लाभ होगा। समाज के एक जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षा मिलेगी।

एक अप्रैल होंगे लागू

आधिकारिक बयान के अनुसार, कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का क्रियान्वयन) नियम- 2026 और मध्य प्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम- 2026 को मंजूरी दे दी है। ये नियम एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान भी किया गया है।

नेशनल पेंशन सिस्टम पर भी फैसला

इसके साथ ही नेशनल पेंशन सिस्टम को लागू करने का तरीका, योगदान की दर, देरी होने पर जिम्मेदारी तय करना और रिटायरमेंट, स्वैच्छिक रिटायरमेंट, इस्तीफे और मौत के मामलों में बाहर निकलने के नियम बनाए गए हैं। बयान के अनुसार, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के दायरे में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट होगी।

कर्मचारियों को टेक्निकल कैडर की भर्ती में छूट

यही नहीं कैबिनेट ने हाई कोर्ट और जिला अदालतों के आईटी कैडर में काम करने वाले कर्मचारियों को टेक्निकल कैडर की भर्ती में शामिल होने के लिए उम्र सीमा में एक बार के लिए 5 साल की छूट दी है। फिलहाल सामान्य श्रेणी के लिए उम्र सीमा 40 साल और आरक्षित श्रेणी के लिए 45 साल तय की गई है।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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