MP में उड़द व गेहूं खरीदी पर मोहन सरकार देगी बोनस, सरकारी कर्मचारियों को भी दी बड़ी सौगात
इसके अलावा राज्य सरकार के कर्मचारियों को खुशखबरी देते हुए मोहन सरकार ने तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। राज्य मंत्रिमंडल ने ये सभी फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए।

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के किसानों को एक बड़ी खुशखबरी देते हुए उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला लिया, साथ ही गेहूं खरीदी के लिए भी 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया। राज्य सरकार ने यह फैसले मंगलवार को हुई राज्य सरकार की मंत्रिमंडल की बैठक में लिए। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को गुड न्यूज देते हुए मोहन सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
राज्य मंत्रिमंडल ने ये सभी फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए। जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बैठक में 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) परियोजना लागू करने का निर्णय लिया। इसके माध्यम से सात जिलों में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। अन्य निर्णयों के साथ मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम (CMYIGGP) को मंजूरी भी प्रदान की गई। इसके तहत हर ब्लॉक में 15 युवा जोड़े जाएंगे, जिन्हें राज्य सरकार की तरफ से 10 हजार रुपए का मानदेय मिलेगा।
बैठक में मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय
- कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा मैहर (जिला मैहर), कैमोर (जिला कटनी) एवं निमरानी (जिला खरगोन) में 3 नए औषधालय खोलने तथा डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
- सिंगरौली के चितरंगी जिले में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड के 1 नवीन पद और अन्य 6 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
- जनजातीय कार्य विभाग के तहत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के विकास और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन) सहित अन्य कार्यों से संबंधित योजनाओं की निरंतरता के लिए 1645 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी।
- MSME विभाग के अंतर्गत प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना और स्टार्टअप पॉलिसी की क्रियान्वयन योजना सहित अन्य कार्यों को 2030-31 तक जारी रखने हेतु 11,361 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी।
- 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के तहत चयनित इन जिलों में अगले 5 सालों तक पारंपरिक व विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, विकास और विपणन को प्रोत्साहन देने के लिए 37.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।
वोकल फोर लोकल के तहत इन 7 जिलों में लागू होगी 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना
(1) सीधी- दरी एवं कारपेट
(2) दतिया- गुड़
(3) अशोकनगर- चंदेरी हैंडलूम
(4) भोपाल- जरी-जरदोजी, पर्स, जूट उत्पाद
(5) धार- बाग प्रिंट
(6) सीहोर - लकड़ी के खिलौने
(7) उज्जैन- बटिक प्रिंट
उधर मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि ‘आज 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को बढ़ाते हुए उन्हें वर्ष 2026-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, इन योजनाओं के लिए आगामी 5 वर्षों हेतु लगभग 33,240 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।’
बैठक में निःशक्त व्यक्तियों को प्रोफेशनल टैक्स में दी जा रही छूट को अगले 5 साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके अलावा ऊर्जा विभाग की RDSS योजना को भी मंजूरी दे दी गई।
इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने 3 ESI अस्पतालों में स्टाफ की भर्ती करने को भी मंजूरी दे दी। वहीं स्वामित्व योजना की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसके तहत राज्य सरकार द्वारा 46 लाख ऐसे परिवारों को चिन्हित किया गया, जिनके पास अपने स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं। इस चिन्हांकन के पश्चात राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि उनकी जो रजिस्ट्री करवाई जाएगी उसका स्टाम्प शुल्क माफ किया जाएगा। इसकी वजह से राज्य सरकार पर करीब 3 हजार करोड़ का भार आएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले बुधवार को होली के दिन राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की थी। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि ‘आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है।’
आगे मुख्यमंत्री ने लिखा था, ‘सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।’ साथ ही उन्होंने कहा था, ‘पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।’
लेखक के बारे में
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