‘मेरी जेब में सबूत है, सरपंच ने मुझे…’; MP के रतलाम में पानी टंकी से लटका मिला युवक का शव
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक मजदूर ने पानी की टंकी के सहारे कथित तौर पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले उसने पानी की टंकी पर लिखा- 'मेरी जेब में सबूत है, सरपंच ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है, मुझे न्याय चाहिए'।

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक मजदूर ने पानी की टंकी के सहारे कथित तौर पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले उसने पानी की टंकी पर लिखा- 'मेरी जेब में सबूत है, सरपंच ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है, मुझे न्याय चाहिए'। पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सरपंच सहित पुलिस कर्मी पर पीटने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रतलाम जिले के जावरा के पास हरियाखेड़ा गांव में एक मजदूर युवक की संदिग्ध आत्महत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मृतक लक्ष्मीचंद्र भील समाज से था। पुलिस को उसका शव रस्सी से बने फंदे के सहारे पानी की से लटका मिला। घटना के बाद परिजन और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, इसके चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती नजर आई।
सरपंच सहित 3 पर FIR के निर्देश, एएसआई लाइन अटैच
आक्रोषित ग्रामीणों और मृतक लक्ष्मीचंद्र के परिजनों ने शव को ओवरब्रिज पर रखकर चक्का जाम कर दिया। ग्रमीणों की मांग थी कि सरपंच के अवैध मकान को तोड़ा जाए और आरोपी पुलिस कर्मी को हटाया जाए। मामले की सूचना मिलने पर विधायक कलेश्वर डोडियार मौके पर पहुंचे और परिजनों व प्रशासन के बीच बातचीत करा चक्का जाम खत्म कराया। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। एसपी ने सरपंच सहित 3 पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और आरोपी एएसआई लाइन अटैच कर दिया है।
ग्रामीणों ने क्या बताया
ग्रामीणों का कहना है कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें सरपंच सहित तीन लोगों के नाम लिखे थे, इतना ही नहीं, युवक ने फांसी लगाने से पहले पानी की टंकी की सीढ़ियों पर भी आरोपियों के नाम और “पुलिस नहीं सुनती” जैसे शब्द लिखे, आरोप है कि बाद में ये नाम मिटा दिए गए, जिससे पूरे मामले पर और सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भेजा, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।
सरपंच के खेत में मजदूरी करता था लक्ष्मीचंद्र
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीचंद्र गांव के सरपंच के खेत में मजदूरी करता था। 11 फरवरी की रात खेत में पानी देते समय उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उल्टा उसे ही चोरी के आरोप में थाने में बंद कर दिया गया। जमानत मिलने के बाद उसने औद्योगिक क्षेत्र थाने और फिर एसपी कार्यालय में शिकायत दी, जिसमें मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव के बीच यह दुखद घटना हुई।
एडिशनल एसपी विवेक कुमार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने आरोपी सरपंच जितेंद्र पाटीदार सहित तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा 3(2)(Va) के तहत मामला दर्ज किया है। सरपंच को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। वहीं लापरवाही के आरोपों में एएसआई आशीष मांगरिया को एसपी ने अमित कुमार ने लाइन हाजिर कर दिया है।
रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव



