Hindi Newsमध्य प्रदेश न्यूज़Meet the MP Man Who Has Kept 150 Metal Pins Inside His Mouth for 45 Years
इंसान या 'आयरन मैन'? MP के इस शख्स का मुंह है लोहे का गोदाम, 45 सालों से दबाकर रखी हैं 150 नुकीली पिन

इंसान या 'आयरन मैन'? MP के इस शख्स का मुंह है लोहे का गोदाम, 45 सालों से दबाकर रखी हैं 150 नुकीली पिन

संक्षेप:

सोचिए, अगर खाने के निवाले में एक छोटा सा कंकर भी आ जाए, तो हम बेचैन हो जाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सतना शहर में एक शख्स ऐसा है, जिसने अपने मुंह को ही लोहे का गोदाम बना लिया है।

Feb 09, 2026 10:46 pm ISTAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, सतना
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सोचिए, अगर खाने के निवाले में एक छोटा सा कंकर भी आ जाए, तो हम बेचैन हो जाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सतना शहर में एक शख्स ऐसा है, जिसने अपने मुंह को ही लोहे का गोदाम बना लिया है। 58 वर्षीय संजय विश्वकर्मा पिछले 45 सालों से अपने मुंह में लोहे और पीतल की पिन जमा करके रखे हुए हैं।हैरानी की बात यह है कि यह संख्या एक या दो नहीं, बल्कि 150 से ज्यादा है। चाहे खाना खाना हो, पानी पीना हो या रात को गहरी नींद में सोना हो ये नुकीली पिन उनके मुंह से कभी बाहर नहीं आतीं है। मेडिकल साइंस के लिए संजय एक पहेली बने हुए हैं।

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पान की लत से शुरू हुई पिन की कहानी

संजय बताते हैं कि इस अजीबोगरीब शौक की शुरुआत तब हुई जब वे महज 13 साल के थे। उन्हें पान खाने का जबरदस्त शौक था। अक्सर पान खाते वक्त सुपारी (कत्था) उनके दांतों में फंस जाती थी। उसे निकालने के लिए वे माचिस की तीली या अगरबत्ती की लकड़ी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन वह बार-बार टूट जाती थी।तंग आकर एक दिन उन्होंने लकड़ी की जगह लोहे की पिन का इस्तेमाल किया। यह जुगाड़ उन्हें इतना भाया कि उन्होंने पिन को मुंह में ही रखना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे एक पिन से शुरू हुआ यह सिलसिला अब 150 पिनों के कलेक्शन तक पहुंच गया है।

चुपके से उठा लेते थे पिन

संजय के मुंह में पीतल, स्टील और लोहे की अलग-अलग डिजाइन की पिनें मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि 45 सालों में उन्होंने आज तक एक भी पिन दुकान से नहीं खरीदी। वे बताते हैं मैं दर्जी की दुकानों, सरकारी दफ्तरों या किसी ऑफिस में जाता था, तो वहां मेज पर पड़ी पिन चुपके से उठा लेता था और सीधे मुंह के हवाले कर देता था।

डॉक्टर्स की रिपोर्ट ने सबको चौंकाया

कुछ साल पहले जब मीडिया की पहल पर जबलपुर के एक अस्पताल में संजय की जांच कराई गई, तो डॉक्टर्स भी रिपोर्ट देखकर दंग रह गए। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। डॉक्टर्स ने बताया कि संजय मुंह के जिस हिस्से से पान चबाते हैं, वहां चूने की वजह से गाल और दांतों को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन मुंह का वह कोना, जहां वे 150 से ज्यादा नुकीली पिन दबाकर रखते हैं, वहां एक खरोंच का निशान भी नहीं है। वह हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है।

जब एयरपोर्ट पर अटक गईं सांसे

संजय ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया। एक बार वे हवाई यात्रा कर रहे थे। एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक के दौरान उन्हें पसीना आने लगा। उन्हें डर था कि मेटल डिटेक्टर मुंह के अंदर छिपी पिन को पकड़ लेगा और सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर निकलवा देंगे। हालांकि, किस्मत से वे बिना किसी परेशानी के वहां से निकल गए और उनकी 'पिन' उनके साथ ही रही। शुरुआत में परिवार और माता-पिता ने इस जानलेवा आदत का विरोध किया था, लेकिन अब यह संजय की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। शहर में अब लोग उन्हें उनके नाम से कम और 'पिन वाले संजय' के नाम से ज्यादा जानते हैं।

बेटा - बेटी और पत्नी को नही है पिन से कोई समस्या

वही, मुंह में 150 से ज्यादा लोहे की पिन दबाकर रखने वाले सतना के संजय विश्वकर्मा की इस अजीबोगरीब आदत को अब उनके परिवार ने भी पूरी तरह अपना लिया है। संजय के भरे-पूरे परिवार में उनकी पत्नी नीलू विश्वकर्मा, बेटा शिवांश और बेटी शिवानी हैं।अक्सर लोग सोचते हैं कि मुंह में नुकीली पिन रखने वाले शख्स के साथ रहना कितना मुश्किल होगा, लेकिन संजय की पत्नी नीलू का जवाब सबको हैरान कर देता है। उन्होंने कहा, "मुझे न तो इन पिनों से कोई समस्या है और न ही अपने पति संजय से। हम बिल्कुल सामान्य जिंदगी जीते हैं।जाहिर सी बात है की 45 साल पुरानी इस आदत के साथ संजय ने न केवल खुद को ढाला है, बल्कि उनका परिवार भी इसमें उनका पूरा साथ देता है और इसे उनकी दिनचर्या का हिस्सा मान चुका है।

रिपोर्ट - जयदेव विश्वकर्मा

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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