टिंडर एप और शक बना मौत की वजह, आरोपी ने कबूला जुर्म, बताया हत्या के बाद भी की थी MBA छात्रा के साथ दरिंदगी
इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में एमबीए छात्रा की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पीयूष को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने हत्या की वारदात कबूल करते हुए जो कहानी पुलिस को बताई, उसने पूरे मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया।

इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में एमबीए छात्रा की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पीयूष को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने हत्या की वारदात कबूल करते हुए जो कहानी पुलिस को बताई, उसने पूरे मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया। हत्या के बाद आरोपी इंदौर से भागकर मुंबई पहुंच गया था और कई दिनों तक लोकल ट्रेनों में घूमता रहा। जब इंदौर पुलिस मुंबई पहुंची तो वह एक ब्रिज से उतरकर खुद पुलिस थाने की ओर जा रहा था, जहां उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने पूरी वारदात स्वीकार कर ली।
4 दिनों में आ गए थे करीब
पुलिस पूछताछ में आरोपी पीयूष ने बताया कि उसकी मुलाकात युवती से पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के दौरान हुई थी और महज चार दिनों में दोनों काफी करीब आ गए थे। इसके बाद दोनों कई बार साथ होटल भी गए। लेकिन लड़की की अन्य दोस्तों से बातचीत और मेलजोल को लेकर पीयूष हमेशा नाराज रहता था। जैसे-जैसे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, आरोपी ने लड़की पर दूसरे लोगों से दूरी बनाने और उनसे बात नहीं करने का दबाव डालना शुरू कर दिया था। लड़की मध्यमवर्गीय परिवार से थी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थी, इसलिए आरोपी अक्सर उसकी आर्थिक मदद करता था। इसके बावजूद वह लड़की पर धोखा देने का शक करता रहा और यही शक धीरे-धीरे खतरनाक जुनून में बदल गया।
टिंडर एप बना विवाद की नई वजह
आरोपी ने पुलिस को बताया कि कई बार जब वह पीड़ता को फोन करता था तो उसका मोबाइल व्यस्त मिलता था। शक होने पर उसने एक दिन युवती का फोन चेक किया, जिसमें उसे टिंडर जैसी ऑनलाइन एप मिली। आरोपी के अनुसार उस एप पर बातचीत के बदले 500 रुपये भी मिलते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी ने यह भी बताया कि दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन इंटरकास्ट मैरिज होने के कारण दोनों परिवार इसके लिए तैयार नहीं थे, जिससे रिश्ते में तनाव लगातार बढ़ता गया।
क्या हुआ था हत्या वाले दिन
आरोपी के मुताबिक 10 तारीख को युवती अपने पिता के साथ आधार कार्ड में सुधार करवाने कलेक्टर कार्यालय गई थी और दोपहर करीब 3 बजे घर लौटी। पिता के छोड़ने के बाद पीयूष उसे अपने कमरे पर ले गया। वहां युवती नाराज और तनाव में थी। उसने बताया कि उसने कुछ नहीं खाया है, जिस पर पीयूष ने उसके लिए मैगी बनाकर खिलाई। आरोपी ने दावा किया कि वह उसकी परेशानियां खत्म करने की बात कर रहा था, लेकिन वह लगातार गुस्से में थी।
पीयूष के अनुसार उसे इस बात से बेहद गुस्सा था कि मना करने के बावजूद पीड़ता अन्य दोस्तों से बात करती थी। उसे लगा कि वह उसके साथ बेवफाई कर रही है और इसी सोच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया। आरोपी ने बताया कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनने के बाद उसने पीड़ता को बातों में उलझाया, उस पर भरोसा जताने को कहा और फिर उसका चेहरा ढककर गला दबा दिया। उसे मृत समझकर वह शराब पीने चला गया। कुछ देर बाद लौटने पर जब उसे लगा कि युवती की सांसें अभी चल रही हैं, तो उसने चाकू उठाकर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गुस्सा इतना ज्यादा था कि वार करते-करते चाकू तक मुड़ गया। मरने केबाद भी आरोपी ने शव के साथ कई बार दुष्कर्म किया , इसके बाद आरोपी ने पीड़ता के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर कई जगह वायरल भी कर दिए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह बात भी स्वीकार कर ली है। रिपोर्ट - हेमंत
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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