मायाजाल में फंसे थे; बाबा बागेश्वर के ऐसा कहने पर प्रेमानंद महाराज क्या बोले?

मायाजाल में फंसे थे; बाबा बागेश्वर के ऐसा कहने पर प्रेमानंद महाराज क्या बोले?

संक्षेप:

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जब प्रेमानंद महाराज से मिले, तो दंडवत प्रणाम करने के बाद कहा- मायाजाल में फंसे थे। बंबई में थे। जानिए बाबा बागेश्वर के ऐसा कहने के बाद प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री को भगवान का पार्षद कहते हुए क्या कहा?

Oct 15, 2025 02:48 pm ISTRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, छतरपुर
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रेमानंद महाराज से मिलने का वीडियो सामने आया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जब प्रेमानंद महाराज से मिले, तो दंडवत प्रणाम करने के बाद कहा- "मायाजाल में फंसे थे। बंबई में थे।" जानिए बाबा बागेश्वर के ऐसा कहने के बाद प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री को भगवान का पार्षद कहते हुए क्या कहा?

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मायाजाल में फंसे थे, क्या बोले प्रेमानंद महाराज?

प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री से पूछा- "ठीक हैं आप?" इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "खूब कृपा है आपकी। दया है।" इसके बाद कहा, "मायाजाल में फंसे थे। बंबई में थे।" इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा- "भगवान के पार्षद तो मायाजाल मुक्त करने जाते हैं। मायाजाल में घुसकर जीवों को माया मुक्त करते हैं। आप भगवान के पार्षद हैं हमारे। ठाकुर जी के निज जन हैं। जहां जाएं, वहां भगवान के निज गुण की गर्जना करें। इससे माया भाग जाती है।"

आप तो पार्षद हैं, मायाजाल में नहीं फंसे थे

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा- “भगवान के नाम और गुण में अपार शांति है। जिसने भगवान के नाम और गुणों का आश्रय ले लिया, वो समझो पार हो गया। अन्यथा कोई ज्ञान विज्ञान इस माया से पार कर सके, ये असंभव है। प्रेमानंद महाराज ने कहा, आप लोग तो भगवान के पार्षद हैं। माया में नहीं फंसे थे। माया के बीच में जाकर उनको मुक्त करते हैं। जाकर भगवान का यश सुनाते हैं।”

सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा

दरअसल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 'दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा' का आयोजन कर रहे हैं। इसी यात्रा के लिए प्रेमानंद महाराज से मिलकर आमंत्रित करने गए थे। धीरेंद्र शास्त्री बीते दिनों से अलग-अलग संतों के पास जाकर आमंत्रण दे रहे हैं, ताकि इस यात्रा को भव्य मना सकें।