
बीमारी से दुखी UP के शख्स ने चित्रकूट में दी जान, 'लाल बाबा' पर लगाया इलाज के नाम पर ठगी का आरोप
संक्षेप: आत्महत्या करने से पहले युवक ने महाराज को बताया कि वह 15 दिन पहले चित्रकूट आया था और यहां 'लाल बाबा' के इलाज के चक्कर में फंस गया। धर्मपाल ने आरोप लगाया कि लाल बाबा ने उससे इलाज के नाम पर रुपए भी ले लिए, लेकिन उसे कोई आराम नहीं मिला।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित पवित्र नगरी चित्रकूट से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां असाध्य रोग से पीड़ित एक शख्स ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक का शव बुधवार देर रात पालदेव गांव स्थित प्रसिद्ध मोरध्वज आश्रम के पास मिला। उसकी कनपटी पर गोली लगी थी। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है। मृतक उत्तर प्रदेश का रहने वाला था।

आधार कार्ड से हुई पहचान, कट्टा व कारतूस बरामद
गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही चित्रकूट थाना प्रभारी डीआर शर्मा पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के पास से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान धर्मपाल, निवासी- बागपत, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पुलिस ने घटनास्थल से 315 बोर का देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और एक सुसाइड नोट भी जब्त किया और इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी।
जिंदा रहते हुए वीडियो आया सामने, बताई थी पीड़ा
इस बीच मृतक धर्मपाल का एक वीडियो भी सामने आया, जो कि उसने जीवित रहते हुए बनाया था। यह वीडियो मोरध्वज आश्रम का ही है, जहां वह इलाज के लिए पहुंचा था। आश्रम के लोगों ने बताया कि वह एक गंभीर और असाध्य रोग से पीड़ित था। वीडियो में धर्मपाल आश्रम के महाराज हनुमानदास जी को अपनी पीड़ा बताते हुए दिख रहा है। वह इतना कमजोर था कि ठीक से बैठ या चल भी नहीं पा रहा था।
इलाज के नाम पर ठगा गया, ‘लाल बाबा’ पर आरोप
उसने महाराज को बताया कि वह 15 दिन पहले चित्रकूट आया था और यहां लालापुर के 'लाल बाबा' के इलाज के चक्कर में फंस गया। धर्मपाल ने आरोप लगाया कि लाल बाबा ने उससे इलाज के नाम पर रुपए भी ले लिए, लेकिन उसे कोई आराम नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी और ठगी से हताश होकर ही धर्मपाल ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।





