महाकाल की संध्या-शयन आरती के लिए 250 रुपये फीस लगाने का विरोध, सड़क पर उतरे कांग्रेसी कार्यकर्ता
मध्य प्रदेश के श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये प्रति व्यक्ति ऑनलाइन पंजीयन शुल्क लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ अब विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस की युवा विंग ने आरती में लगाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

मध्य प्रदेश के श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये प्रति व्यक्ति ऑनलाइन पंजीयन शुल्क लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ अब विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस की युवा विंग ने महाकालेश्वर मंदिर के नीलकंठ द्वार पर नारेबाजी कर वीआईपी व्यवस्था और आरती में लगाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था को बदला जा रहा है और आम भक्तों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उज्जैन महाकाल मंदिर समिति द्वारा संध्या आरती और शयन आरती में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य करते हुए 250-250 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किए जाने के बाद से शहर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंदिर क्षेत्र में सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन मंदिर परिसर के नीलकंठ मार्ग द्वार पर हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सशुल्क दर्शन व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस प्रदर्शन में जिला स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया को ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई गई। पुलिस बल की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
युवा कांग्रेस नेताओं ने 'दलाली बंद करो' और 'भक्तों का पैसा खाना बंद करो' जैसे नारे भी लगाए। कुछ देर तक कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान पदाधिकारी ने कहा कि भस्म आरती की तर्ज पर अब संध्या और शयन आरती को भी सशुल्क कर दिया गयाहै। इससे आम श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। उनका आरोप है कि यह निर्णय बिना किसी व्यापक जनसंवाद के लिया गया है।
वहीं, बताया जा रहा है कि मंदिर प्रशासन ने एक दिन पहले आयोजित शयन आरती के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से होने की जानकारी दी है। प्रशासन के अनुसार, पूर्व पंजीयन कराने वाले 1168 श्रद्धालुओं और 7325 निःशुल्क दर्शनार्थियों सहित कुल 8493 भक्तों ने विधिवत दर्शन लाभ प्राप्त किया था।
महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने बताया कि शनिवार को शयन आरती को लेकर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन दिया है। ज्ञापन ले लिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। इस पर जो भी निर्णय होगा वह वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशन में किया जाएगा।
रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव



