महिला की नाक और जीभ काटी, मरने के लिए खेत में छोड़ा; अस्पताल में मौत; MP में सनसनीखेज वारदात

Subodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, राजगढ़
Follow us on Google News
share

मध्य प्रदेश में रोंगटे खड़े देने वाली एक वारदात सामने आई है। गेहूं के खेत में एक महिला दर्द से कराह रही थी। उसकी नाक और जीभ कटी हुई थी। वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

महिला की नाक और जीभ काटी, मरने के लिए खेत में छोड़ा; अस्पताल में मौत; MP में सनसनीखेज वारदात

मध्य प्रदेश में रोंगटे खड़े देने वाली एक वारदात सामने आई है। गेहूं के खेत में एक महिला दर्द से कराह रही थी। उसकी नाक और जीभ कटी हुई थी। वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस भयानक घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बुधवार को एक गेहूं के खेत में 70 साल की महिला जीवन-मरण के बीच जूझ रही थी। बुजुर्ग महिला की नाक और जीभ कटी हुई हालत में मिली। वह खेत में छोड़े गए एक पलंग के पास दर्द से कराह रही थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले की क्रूरता ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। साथ ही सवाल उठ रहा है कि क्या महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था।

हालांकि, पुलिस ने कहा कि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है। पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। एसडीओपी धर्मवीर नगर और टीआई संगीता शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे और मुआयना किया। दोपहर करीब 3 बजे दो डॉक्टरों की एक टीम ने खिलचीपुर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया।

पीड़िता के बेटे के अनुसार, उनका परिवार लगभग तीन दशकों से गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में बनी एक झोपड़ी में रह रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का दो साल पहले निधन हो गया था। उनकी बुजुर्ग मां अपने एक भाई और उसकी पत्नी के साथ वहीं रह रही थीं। दस दिन पहले उनकी बहू काम के लिए अपने माता-पिता के साथ राजस्थान गई थीं।

मंगलवार रात को उनका भाई पास के खेत में फसल की सिंचाई करने गया था और बुजुर्ग महिला को झोपड़ी में अकेला छोड़ गया था। वह देर से लौटा और सो गया। अगली सुबह जब वह उठा और मां को झोपड़ी में नहीं पाया। उसने सोचा कि वह जरूरी सामान खरीदने गांव गई होंगी। लेकिन जब वह वहां भी नहीं मिलीं तो परिवार ने आसपास के खेतों में उनकी तलाश शुरू कर दी।

बेटे ने बताया कि वहां का दृश्य किसी बुरे सपने जैसा था। बूढ़ी औरत झोपड़ी से कुछ ही दूरी पर एक गेहूं के खेत में बुरी तरह घायल पड़ी थी। उसका शरीर क्षत-विक्षत था। चेहरा बुरी तरह बिगड़ा हुआ था। पास ही में एक पलंग पड़ी थी, जो बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में थी। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।

महिला के बेटे ने आरोप लगाया है कि उसकी मां की हत्या की गई है। इस भयावह घटनाक्रम ने इलाके में लोगों के गुस्से और डर को और बढ़ा दिया है। क्रूर हमले, अंग-भंग और हत्या की संभावना के चलते यह मामला हाल के समय के सबसे भयावह ग्रामीण अपराध रहस्यों में से एक बन गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बुजुर्ग महिला की भयावह मौत के पीछे की सच्चाई अब फोरेंसिक और मेडिकल सबूतों पर निर्भर करती है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।