
MP नर्सिंग कॉलेज भर्ती में 100 प्रतिशत महिला आरक्षण पर विवाद, हाईकोर्ट में चुनौती
मध्य प्रदेश के मोहन यादव सरकार की नर्सिंग कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया एक बड़े विवाद में घिर गई है। सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में शैक्षणिक पदों पर 100 प्रतिशत महिला आरक्षण के फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
मध्य प्रदेश सरकार की नर्सिंग कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया एक बड़े विवाद में घिर गई है। सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में शैक्षणिक पदों पर 100 प्रतिशत महिला आरक्षण के फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह फैसला पुरुष उम्मीदवारों को पूरी तरह बाहर करता है और संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है।
यह याचिका जबलपुर निवासी नौशाद अली समेत अन्य लोगों की ओर से हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा जारी ग्रुप-1, सब ग्रुप-2 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के तहत सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 286 पदों पर भर्ती निकाली गई है, जिनमें एक भी पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए आरक्षित नहीं है। भर्ती में कुल 40 एसोसिएट प्रोफेसर, 28 असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर के पद शामिल हैं, लेकिन सभी पद केवल महिलाओं के लिए रखे गए हैं।
संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन!
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का सीधा उल्लंघन है, जो समानता के अधिकार और लैंगिक भेदभाव से संरक्षण की गारंटी देते हैं। उन्होंने यह भी दलील दी कि न तो भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नियम और न ही भर्ती नियमावली शिक्षण पदों पर लिंग आधारित प्रतिबंध की अनुमति देती है। इसके अलावा, 100 प्रतिशत आरक्षण सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी फैसले में तय 50 प्रतिशत की सीमा का भी उल्लंघन है।
आवेदन की आखिरी तारीख 7 जनवरी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि आवेदन की अंतिम तिथि 7 जनवरी है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अगर समय रहते राहत नहीं दी गई तो पुरुष उम्मीदवार स्थायी रूप से आवेदन के अधिकार से वंचित हो जाएंगे और याचिका निष्प्रभावी हो जाएगी। इस पर न्यायमूर्ति विशाल धागट की पीठ ने राज्य सरकार से एक दिन के भीतर अपना फैसला लिखित रूप में पेश करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी के लिए तय की।
चयन मंडल ने बदला रुख
सुनवाई के दौरान कर्मचारी चयन मंडल ने कोर्ट को बताया कि पुरुष उम्मीदवारों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है, और इस पर अंतिम स्थिति 7 जनवरी को स्पष्ट की जाएगी।

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